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भारतीय दंड संहिता: गोरखपुर में दीवानजी ने सीखा ककहरा, अब हत्या में 302 नहीं- दर्ज होगी 103 की धारा, जानें अन्य

Mon, 01 Jul 2024 11:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

जिले की पुलिस ने नई धारा और कानून का ककहरा पढ़ने के साथ खुद को अपडेट कर लिया है। अब छिनैती को झपटमारी और 18 साल से नीचे लड़के-लड़कियों को बालक लिखा जाएगा। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने में पुलिस अब दुष्कर्म नहीं लिखकर नई धारा 69 में केस दर्ज करेगी। हत्या में पहले 302 में दर्ज होने वाली धारा अब 103 में दर्ज होगी।
 
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कैंट थाने में पुलिसकर्मियों को बदलाव के बारे में बताते दरोगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले की पुलिस ने नई धारा और कानून का ककहरा पढ़ने के साथ खुद को अपडेट कर लिया है। अब छिनैती को झपटमारी और 18 साल से नीचे लड़के-लड़कियों को बालक लिखा जाएगा। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने में पुलिस अब दुष्कर्म नहीं लिखकर नई धारा 69 में केस दर्ज करेगी।
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इसी तरह भाड़े पर लेकर बालक से अपराध कराना और मॉब लिंचिंग में कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार सोमवार से बदली धारा में थानों में केस दर्ज किए जाएंगे। इसको लेकर रविवार को सभी थानों में पुलिसकर्मी अपने-अपने तरीके से तैयारी करते दिखे। सभी थानों की दीवारों पर नया कानून चस्पा कर दिया गया है।

रविवार को दोपहर 12:25 बजे कैंट थाने में प्रभारी के साथ सभी पुलिसकर्मी बैठक कर रहे थे। इस दौरान प्रभारी ने थाने के दीवान और उनके साथ एक टेक्निकल जानकार पुलिसकर्मी को तैनात किया। प्रभारी रणधीर मिश्रा ने बताया कि ऑफिस में दो हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल लिखापढ़ी का काम कर रहे हैं।
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इनके साथ टेक्निकल जानकार को भी बैठाया गया है। सभी पुलिसकर्मियों ने भारतीय दंड संहिता की ट्रेनिंग ली है। रात 12 बजे से इसके अनुसार एफआईआर लिखी जाएगी। भूल न हो, इसके लिए ऑफिस में दीवार पर नई धाराओं का चार्ट चस्पा कर दिया गया है।

इसी तरह दोपहर एक बजे के करीब कोतवाली थाने में भी पुलिस कर्मी रणनीति बनाते दिखे। ऑफिस में बैठे एक पुलिसकर्मी ने बताया-इतने दिन से एफआईआर लिख रहा हूं, हर चीज रट गई थी, अब बदलाव हुआ है तो कुछ दिन परेशानी जरूर होगी। लेकिन लिखते-पढ़ते आदत में आ जाएगा। वहां बैठे दीवान ने कहा कि अच्छे से ट्रेनिंग ली है, कोई दिक्कत नहीं होगी।

दोपहर 2:30 बजे रामगढ़ताल थाने पर चार महिला और पुरुष कांस्टेबल ऑफिस में बैठे दिखे। थाने के प्रभारी चितवन कुमार ने बताया-सभी पुलिस कर्मी ट्रेंड हो चुके हैं। नई व्यवस्था बनने पर कुछ दिन थोड़ी परेशानी आती है, फिर आदत में सब कुछ आ जाता है। उन्होंने बताया कि एफआईआर लिखी जाने के बाद मैं खुद भी उसे चेक करूंगा।

राजघाट थाने में रविवार की शाम चार बजे के करीब एक पुलिसकर्मी नई धाराओं का एक बड़ा चार्ट ऑफिस में लगाते दिखा। वहां बैठे दीवान ने बताया कि ट्रेनिंग में हर चीज रट गई है, कहीं कोई संशय होगा तो सामने चस्पा किए चार्ट को देखकर मिलान कर लिया जाएगा। थाने के प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

एसएसपी डॉ गौवर ग्रोवर ने बताया कि सबको तकनीकी प्रशिक्षण दे दी गई है। सभी पुलिसकर्मियाें को नए कानून की हार्ड कॉपी भी दे दी गई है। सभी थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि एफआईआर में जो धाराएं दर्शाई गई हैं, उसे खुद चेक करें। सीओ भी उसे क्रॉस चेक करेंगे।


 
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बीएनएस की धारा का कैलेंडर चिपकाते पुलिसकर्मी, रामगढ़ताल थाने में नई धारा समझते हुए - फोटो : अमर उजाला
आज से बदल जाएंगी हत्या, दुष्कर्म व चोरी सहित कई धाराएं
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860 अब सोमवार से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के नाम से जानी जाएगी। इसमें सिर्फ धाराएं ही नहीं बदलीं, बल्कि सजा और जुर्माने के प्रावधान में भी भारी भरकम बदलाव किया गया है। लोगों की जुबान पर रटीं कुछ धाराएं बदल दी गई हैं।

मसलन, 302 हत्या अब 103 (1), ठगी या धोखाधड़ी 420 अब 118 (4), चोरी 379 अब 303 (2) व दुष्कर्म 376 आईपीसी अब बीएनएस की धारा 64 कहलाएगी। बीएनएस में 175 धाराएं बदल दी गई हैं और 22 धाराएं खत्म हो गई हैं। लिहाजा इससे जानने और समझने में वक्त लगेगा। व्यावहारिक तौर पर कुछ कठिनाइयां आएंगी।

चोरी का जुर्म सिद्ध होने पर नहीं जाएंगे जेल, लगाएंगे झाड़ू
चोरी को लेकर भारतीय न्याय संहिता कानून में बदलाव किया गया है। जो कोई चोरी करेगा और चुराई गई संपत्ति 5 हजार रुपये से कम होगी, साथ ही चोर द्वारा पहली बार चोरी की घटना को अंजाम दिया गया होगा, ऐसी स्थिति में दोष सिद्ध होने पर चोरी की गई संपत्ति वापस करने पर सामुदायिक सेवा से दंडित किए जाने का प्रावधान किया गया है।

इसमें धारा 303(2) में केस दर्ज किया जाएगा। सामुदायिक सेवा के दंड में आरोपी को दो माह के लिए किसी भी इलाके में दो माह तक झाडू या अन्य काम की सजा दी जा सकती है। इसी तरह नशे की हालत में लोक स्थान पर अवचार करने पर, मानहानि के मामले में सामुदायिक सेवा दंड देने का प्रावधान किया गया है।

ई-मेल, व्हाट्सएप से भी करें एफआईआर
भारतीय न्याय संहिता में बदलाव करते हुए इलेक्ट्रानिक कम्युनिकेशन के माध्यम से दी गई सूचना पर भी एफआईआर लिखे जाने का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रानिक कम्युनिकेशन में व्हाट्सएप, ई-मेल और सीसीटीएनएस पोर्टल शामिल हैं।

इसके जरिए आम जनता घर बैठे एफआईआर लिखवा सकती है। इस माध्यम से एफआईआर लिखवाने के तीन दिन के अंदर पीड़ित को थाने पर पहुंचना होगा। ऐसा नहीं करने पर उसे फेक एफआईआर मान लिया जाएगा।

बीमार सजायाफ्ता की गिरफ्तारी के लिए लेनी होगी अनुमति
छोटे अपराध, जिसमे तीन वर्ष से कम की सजा का प्रावधान है, ऐसे अपराधों में संबंधित व्यक्ति बीमार या 60 वर्ष से अधिक उम्र का है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए अधिकारी जो पुलिस उपाधीक्षक से नीचे की पंक्ति का न हो, से अनुमति आवश्यक है।
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