गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शुक्रवार को जूनियर डॉक्टरों और तीमारदार के बीच मारपीट की घटना हुई थी। मामले में दोनों पक्षों ने एम्स थाने में तहरीर दी है। तीमारदार ने पांच डॉक्टर और एक विश्रामालय के कर्मचारी के खिलाफ तहरीर दी है। वहीं डॉक्टरों ने तीमारदारों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार और सोमवार को कुछ डॉक्टरों और तीमारदार से पुलिस ने पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि एम्स में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं, इसके जरिए गुनाहगार का पता लगाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एम्स क्षेत्र के श्रवण नगर की रहने वाली गर्भवती रोली ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शुक्रवार को रात 10 बजे एम्स की इमरजेंसी में जाने के बाद से ही इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी। इस बारे में पति ने जूनियर डॉ. अल्ताफ से बात की तो डॉक्टर ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके बाद कई और लोगों को बुला लिया। लक्जरी गाड़ी से कई लोग पहुंचे और मारने-पीटने लगे। मामले में एक मंत्री का फोन आने के बाद गर्भवती को लेकर एम्स प्रशासन सक्रिय हुआ। लेकिन जूनियर डॉक्टर और इंटर्न गर्भवती को बाहर नहीं जाने दे रहे थे। किसी तरह पुलिस ने गर्भवती और उसकी बहन को बाहर निकाला था।