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Gorakhpur News: डूबकर घुटने लगा दम तब अंकल ने बाहर निकाला...

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माता पिता के साथ मासूम अरुण। 
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उनवल (गोरखपुर)। डूबकर दम घुटने लगा और मुंह में गंदा पानी चला गया था, तभी अंकल आए और मुझे बाहर निकाले। छह साल के मासूम अरुण ने यह बात बताई। घटना को यादकर वह सहम जा रहा है। बच्चे उसे बाहर खेलने के लिए बुला रहे हैं, लेकिन घर पर कभी पिता के पास तो कभी मां के आंचल में छिप रहा है। यह घटना अरुण के दिल के अंदर घर कर गई है। जब से अस्पताल से वापस आया है, वह डर से बाहर निकल नहीं निकल रहा है। वह एलकेजी में पढ़ता है, स्कूल जाने से भी मना कर रहा है।
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खजनी के रामपुर पांडेय गांव में शनिवार को पूरे दिन घटना को लेकर चर्चा होती रही। हर कोई आरोपी अतुल की हरकत से हैरान था। मासूम के माता-पिता ने बताया कि कभी कोई विवाद अतुल से नहीं हुआ। गांव एक ही लेकिन दोनों का टोला भी अलग-अलग है। उसके घरवालों से भी कोई विवाद नहीं है। उसकी हरकत की वजह से घर का एक सदस्य बच्चों की निगरानी कर रहा है। अरुण भी डरा हुआ है, बाहर निकल ही नहीं रहा है।

बदमाशी करोगे तो कुएं में धकेल देंगे अंकल
रामपुर पांडेय गांव में अरुण के साथ हुई घटना से अन्य बच्चे भी डरे हुए हैं। बदमाशी करोगे तो अंकल आकर कुएं में धकेल देंगे, यह लाइनें कहकर महिलाएं बदमाशी करने पर बच्चों को डरा रही हैं।
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मसरपट्टी खाने गया था अरुण
पिता विनोद चौहान ने बताया कि शुक्रवार को गांव में एक मसरपट्टी बेचने वाला आया था। अरुण उसके पीछे-पीछे कुएं के पास चला गया और वहीं खेलने लगा। तभी अतुल पांडेय आया और बच्चे को उठाकर कुएं में फेंक दिया। वहां खड़ी कुछ महिलाओं ने यह सब देख लिया। वे चिल्लाने लगी, तभी पड़ोस में रहने वाले प्रमोद 45 फीट गहरे कुएं में कूदकर बच्चे की जान बचाई।

आरोपी की शिकायत कर चुके हैं परिजन
ग्रामीणों ने बताया कि अतुल पांडेय की नशे की आदत की वजह से ही उसके परिवार वाले कई बार खजनी थाने में शिकायत कर चुके हैं। उसके पत्नी और बच्चे भी उसे छोड़कर मायके चले गए। अतुल के हमले से घायल पिता की मौत के बाद भाई और मां ने भी उससे मुंह फेर लिया था। वर्तमान में वह घर पर अकेला रह रहा था। इस घटना के बाद उसके भाई और मां भी गांव में नहीं निकल रहे हैं।
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कोट-
किस जन्म की दुश्मनी को लेकर हमारे नाती को कुएं में फेंक दिया। अगर कुछ घटना घट जाती तो हमेशा के लिए हम बच्चे को खो देते। बचाने वाला प्रमोद भगवान बनकर आए।
कलावती, दादी

यह घटना बहुत ही हैरान करने वाली है। अब हम लोग परेशान हैं कि अपने बच्चों को खेलने कहां भेजें। अगर वहां कोई अतुल जैसा व्यक्ति आया तो हमारे बच्चों का भी अरुण जैसा हाल होगा।
वीरेंद्र चौहान, ग्रामीण

बहुत ही दुखद घटना है। यह सब हमारे गांव में हुआ। बच्चा स्वस्थ है, ये देखकर अच्छा जरूर लग रहा है। इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
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प्रहलाद, ग्रामीण
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