वरिष्ठ अफसरों की कमेटी मौके पर जाकर करेगी जमीन का सत्यापन
इसके बाद तय होगा स्टांप चोरी के लिए दोषी कौन
गोरखपुर। रामगढ़ताल के किनारे ताज होटल बनाने के लिए ली गई 10 एकड़ जमीन में 11 करोड रुपये से अधिक के स्टांप चोरी का प्रकरण सुलझाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति मौके पर जाकर जांच करेगी। इसके बाद तय होगा कि जो स्टांप लगाए गए हैं, वह वाजिब हैं या जो कमी बताई जा रही है, उसकी वसूली होगी।
रामगढ़ताल के किनारे ताज होटल बनाने के लिए जीडीए से दो बार में करीब 10 एकड़ जमीन ली गई थी। फ्री होल्ड की इस जमीन की रजिस्ट्री में लगभग सात करोड़ रुपये का स्टांप लगाया गया है। वहीं, निबंधन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में इस जमीन के भविष्य को देखते हुए 11 करोड़ रुपये स्टांप कम होने का हवाला देते हुए अभिलेख जब्त कर लिया है। पूरी पत्रावली निरीक्षण के लिए डीएम कोर्ट भेजी गई है। डीएम कोर्ट से इस मामले में जमीन मालिक को नोटिस जारी किया गया है।
जमीन मालिक शोभित दास अग्रवाल ने बताया कि पहले पांच एकड़ जमीन ली गई थी, बाद में लगभग इतनी ही जमीन और ली गई। इस जमीन का भू उपयोग अकृषि प्रकृति (खेती योग्य नहीं) का है। लिहाजा इस पर काॅमर्शियल अधिभार के साथ रजिस्ट्री कराई गई थी, जिसके एवज में करीब सात करोड़ रुपये का स्टांप लगा है। इसमें पहले कोई आपत्ति नहीं आई, लेकिन कुछ दिन पहले निबंधन विभाग की तरफ से यह बताया गया कि भविष्य में इस जमीन पर जब होटल बनेगा, तब यह जमीन काफी कीमती हो जाएगी। अब जो स्टांप की कमी बताई जा रही है, उसी भविष्य के आधार पर है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित होगी, जो मौके पर जाकर भू-उपयोग देखेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।