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Gorakhpur News: निलंबित पुलिस कर्मी और पीड़ित ने बंद किया मोबाइल, अधर में फंसी जांच

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पुलिस कर्मी मुंबई गए कि नहीं, ये भी नहीं पता लगा सके जांच अधिकारी
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राजस्थान से आए युवक से 90 हजार रुपये की लूट का मामला
गोरखपुर। नौसड़ में राजस्थान से आए युवक को तमंचा संग जेल भेजने की धमकी देकर लूट की घटना का एक हफ्ते बाद भी पुलिस पर्दाफाश नहीं कर सकी है। संदेह के घेरे में आए तीन पुलिस वालों का निलंबन तो कर दिया गया, लेकिन वह असल में वह मुंबई गए या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। निलंबित पुलिस कर्मी और पीड़ित ने मोबाइल भी स्वीच ऑफ कर लिया है।
दरअसल, बेलीपार इलाके में पिछौरा के रहने वाले रवि शंकर को कार सवारों ने अगवा कर 90 हजार रुपये लूट की वारदात की थी। मामले में अगले दिन बदमाशों ने चार लाख रुपये लेकर फिर से बुलाया था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसपी सिटी अभिनव त्यागी से की थी। इसके बाद मामले में राजघाट थाने में अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया। लूट करने वालों ने खुद को पुलिस के क्राइम ब्रांच का बताया था और उसी दिन से चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिस वालों के मोबाइल नंबर बंद हैं। इस वजह से उनकी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई। बाद में पता चला कि तीनों आरोपी पुलिसकर्मी जीडी में सूचना अंकित कर किशोरी को खोजने मुंबई गए हैं, जबकि इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। मामले में तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबन करने के साथ ही सीओ गीडा को भी बदल दिया गया। विभागीय कार्रवाई तो हो गई, लेकिन असल में वारदात किसने की यह पुलिस साफ नहीं कर सकी है। पुलिस कर्मी घटना में शामिल है या नहीं, यह तक एक सप्ताह में पुलिस स्पष्ट नहीं कर सकी है। वहीं एसपी सिटी अभिनव त्यागी का कहना है कि प्रकरण की जांच जारी है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
पीड़ित और निलंबित पुलिस कर्मियों ने अपना मोबाइल बंद किया है। जांच टीम ये पता लगाने में जुटी है कि निलंबित पुलिस कर्मी घटना में शामिल है या नहीं। जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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