जंगल सालिकराम में निर्माणाधीन आवास को सील करने के मामले में हुई है कार्रवाई
गोरखपुर। मनमानी के आरोप में शासन स्तर से निलंबित जीडीए के सहायक अभियंता (एई) विनोद कुमार शर्मा और अवर अभियंता (जेई) रमापति वर्मा को तत्काल प्रभाव से कमिश्नर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इन्हें आवंटित कार्य भी अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) विवेक शर्मा को सौंपे गए हैं। इसके अलावा निगरानी करने वाले अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) नरेंद्र कुमार से भी जोन एक व दो के प्रवर्तन जोन का प्रभार और शमन मानचित्रों के साथ ही जोन एक के अवैध निर्माण के विरुद्ध वाद दाखिल करने और उसकी सुनवाई के कार्य को वापस ले लिया गया है।
बता दें कि जंगल सालिकराम निवासी राजेश पर्वत गिरी के निर्माणाधीन मकान को नक्शा पास होने के बावजूद जीडीए की टीम ने छह नवंबर 2024 को सील कर दिया था। सील करने के आदेश पर एई विनोद कुमार शर्मा और जेई रमापति वर्मा ने हस्ताक्षर किए थे। इस कार्रवाई के खिलाफ भवन मालिक की ओर से हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया, जिसमें कोर्ट ने प्रमुख सचिव को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस पर शासन ने एई और जेई को निलंबित करने के साथ ही निगरानी की भूमिका निभाने वाले एक्सईएन और एक अन्य एई से जवाब तलब करने के साथ ही मंडलायुक्त को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। निलंबित होने वाले जेई रमापति वर्मा करीब दो माह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
अन्य के कार्यक्षेत्र में भी किया गया बदलाव
निलंबित एई और जेई का कार्य दूसरे को आवंटित होने की वजह से कई अन्य अभियंताओं के कार्य क्षेत्र में भी जीडीए उपाध्यक्ष ने बदलाव किया है। प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह अभियंत्रण के सभी कार्यों के अलावा जोन चार के अवैध निर्माण से जुड़े वाद व उसकी सुनवाई तथा जोन तीन व चार तथा आनलाइन व शमन मानचित्रों से संबंधित कार्य देखेंगे। इसी तरह सभी सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं के कार्यों में भी कुछ न कुछ बदलाव किए गए हैं। जेई रमापति वर्मा द्वारा देखे जा रहे अभियंत्रण अनुभाग से संबंधित समस्त कार्य जेई धर्मेश को सौंपा गया है।