गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नमकीन और नमकीन बनाने के सामानों की जांच शुरू कर दी है। शहर में दो दिन में ही 17 जगहों से नमकीन, बेसन और अन्य सामान की सैंपलिंग की गई है, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई भी होगी। हाईकोर्ट के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
पैकेट बंद नमकीन की डिमांड हर घर में है। इस वजह से यह पान की दुकान से लेकर बड़े कैंटीन तक में खूब बिकती है। लेकिन, एक्सपायर होने के बाद इस नमकीन का क्या होता है, इसकी जानकारी नहीं हो पाती। ऐसी आशंका है कि एक्सपायरी डेट की नमकीन को स्थानीय स्तर पर फिर री-पैकिंग कर दी जाती है। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा तो इसकी सच्चाई का पता लगाने के लिए कोर्ट ने सैंपलिंग का निर्देश दिया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन तिवारी की अगुवाई में इसकी सैंपलिंग की जा रही है। शुक्रवार और शनिवार को मिलाकर 17 सैंपल लिए गए। जांच शुरू होने से नमकीन बनाने और बेचने वालों में हड़कंप मच गया है। जांच करने वाली टीम ने बताया कि पैकेट बंद नमकीन के अलावा नमकीन बनाने वाले बेसन आदि का भी सैंपल लिया जा रहा है।