गौरी बाजार। नौकरी के 27 वर्ष बाद जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा को लेकर की गई शिकायत की जांच एसटीएफ ने की। जांच में दो अलग-अलग प्रमाण पत्रों में जन्मतिथि भिन्न पाए जाने पर पुलिस ने बखरा इंटरमीडिएट काॅलेज बखरा के चपरासी को शनिवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एसटीएफ से शिकायत की गई कि बखरा इंटरमीडिएट काॅलेज बखरा में कार्यरत हरी पुत्र पतरु के हाईस्कूल व कक्षा आठ के प्रमाण पत्रों में अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की तो पाया गया कि कूटरचित ढ़ंग से एक प्रमाण पत्र में हरी की जन्मतिथि 1 सितंबर 1967 है। जबकि दूसरे प्रमाण पत्र में उनकी जन्मतिथि 15 अगस्त 1976 है। पहली जन्मतिथि के अनुसार रिटायरमेंट वर्ष 2027 में जबकि दूसरी जन्मतिथि के अनुसार 2036 में है। छानबीन में पता चला कि आरोपी ने हाईस्कूल की शिक्षा उसी विद्यालय से प्राप्त की। उसमें जन्म तिथि दूसरी है। जबकि कक्षा आठ का सर्टिफिकेट मदरसन स्थित एक दूसरे विद्यालय का है। जिसमें जन्मतिथि भिन्न है। इस संबंध में थानाध्यक्ष दिनेश मिश्र ने बताया कि एसटीएफ की जांच में साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जन्मतिथि को लेकर न्यायालय पहुंचा था आरोपी
पहले जन्मतिथि व प्रमाण पत्रों में सूचनाओं को लेकर लोग लापरवाह रहते थे। कुछ दिन पूर्व जन्मतिथि में सुधार को लेकर आरोपी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जन्मतिथि में सुधार की गुहार लगाई थी, राहत नहीं मिली। परिजनों ने बताया कि विद्यालय में प्रबंधकीय विवाद के पचड़े के कारण शिकायत पर जांच हुई। पुलिस को विद्यालय में उन्हीं लोगों द्वारा ही प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया, जो विरोध में हैं।