तैयार हो रही डीपीआर, रेलवे बोर्ड से स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा
वाई कनेक्शन से ट्रेनों के इंजन को शंटिंग कर घुमाने की जरूरत नहीं होगी
गोरखपुर। आनंदनगर-घुघली रेल लाइन पर वाई कनेक्शन और वाराणसी-आजमगढ़ रूट पर मऊ बाईपास लाइन बनाने के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम पूरा हो गया है। रेल प्रशासन अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है। इसे स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा। दोनों रेल लाइनों के बनने से ट्रेनों के इंजन को शंटिंग कर घुमाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे कम से कम आधे घंटे का समय बचेगा।
घुघली रेलवे स्टेशन पर वाई कनेक्शन लाइन से गोरखपुर और बिहार की ओर से आने वाली ट्रेनों को आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा की तरफ सीधे ले जाना आसान हो जाएगा। इससे ट्रेनों के देरी से चलने की समस्या में सुधार होगा। इस रूट पर रेल ट्रैक का दोहरीकरण कार्य भी कराया जाना है जिसके लिए फाइनल लोकेशन सर्वे की डीपीआर तैयार हो रही है।
इसी प्रकार पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में खुरहट-पिपरीडीह के बीच 15 किमी मऊ बाईपास रेल लाइन बनाई जाएगी। अब इसके लिए डीपीआर तैयार हो रही है। इससे वाराणसी से आजमगढ़ के सफर में समय की बचत होगी। ट्रेन वाराणसी सिटी से चलकर औड़िहार जंक्शन, मऊ, खुरहट, मोहम्मदाबाद होते हुए आजमगढ़ पहुंचती है।
इस रेलमार्ग की बड़ी बाधा यह है कि मऊ से ट्रेन यू-टर्न होकर आजमगढ़ पहुंचती है, जिसके लिए इंजन बदलना पड़ता है। मऊ बाईपास योजना के तहत ट्रेन बगैर इंजन बदले पिपरीडीह, खुरहट स्टेशन होते हुए आजमगढ़ पहुंचेगी।
वर्जनघुघली में वाई कनेक्शन और मऊ बाईपास रेल लाइन के लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है। डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके बनने से इंजन रिवर्स की जरूरत नहीं पड़ेगी जिससे समय की बचत होगी।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर