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Gorakhpur News: नीट की तैयारी करने वाले छात्र ने हैक की थी क्रूज की वेबसाइट

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लेक क्वीन क्रूज की वेबसाइट हैक करने के आरोप में दो युवक गिरफ्तार
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दूसरी बार पार्टी करने पहुंचे तब खुली आरोपियों की पोल
गोरखपुर। लेक क्वीन क्रूज की वेबसाइट हैक करने वाले दो आरोपियों को रामगढ़ताल पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर शुक्रवार को नौकायन के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान उरुवा बाजार के गोहलिया निवासी राजन साहनी (24) और पीपीगंज कबीरनगर बगहीभारी के शिवम निषाद (19) के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि नीट की तैयारी करने वाले शिवम निषाद ने ब्रूप स्वीट कम्यूनिटी एडिशन एप की मदद से वेबसाइट हैक कर टिकट बुक कराया था।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि दोनों आरोपी पुराने दोस्त हैं। इसमें शिवम नीट की तैयारी कर रहा है। जबकि राजन कोचिंग चलाता है। शिवम निषाद बेहद शातिर है। शिवम टेलीग्राम पर लिंक हंटर ग्रुप में जुड़ा था। इसपर पांच कंपनियों के लिंक डाले गए थे। इसमें गोरखपुर रामगढ़ताल के लेक क्वीन क्रूज का भी एक लिंक था। टेलीग्राम पर लिंक डालकर बताया गया कि इसके जरिये इन कंपनियों के टिकट केवल एक रुपये में बुक कराए जा सकते हैं। आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
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शिवम के घर 20 दिसंबर को राजन आया था। तब शिवम ने राजन के यूपीआई नंबर से लेक क्वीन क्रूज का तीन हजार रुपये का टिकट एक रुपये में 27 दिसंबर की डेट का बुक कराया। 27 को राजन क्रूज गया, वहां पर आराम से उसने पार्टी की और लौटकर आया। इसके बाद फिर शिवम ने राजन के ही यूपीआई से 31 दिसंबर का चार टिकट एक रुपये में बुक कराए। कीमत 12 हजार रुपये थी।
बैंक खाते की जांच में खुली पोल
क्रूज के संचालक राजकुमार राय ने टिकटों की बिक्री की जांच की तो 12 हजार रुपये कम मिले। क्रूज का ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीके से टिकट बुक होता है। उन्होंने ऑनलाइन वेबसाइट पर टिकटों की जांच की तो पता चला कि राजन नाम की आईडी से टिकट बुक किए गए थे। एक रुपये जमा भी किए गए थे। इसके बाद दोबारा फिर राजन के नाम से ही टिकट एक रुपये में बुक किए गए थे। तब संचालक को आरोपियों की करतूत समझ में आ गई और उन्होंने रामगढ़ताल थाने में शिकायती पत्र दिया। बुधवार को केस दर्ज कर पुलिस, साइबर अपराध थाना और एसटीएफ टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी कैमरे से आरोपियों की पहचान कर शिवम और राजन को पकड़ा। इसके बाद शिवम के लैपटाप से सारी जानकारी टीम ने हासिल की।
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लिंक हंटर ग्रुप का पता लगा रही पुलिस
आरोपियों को फर्जीवाड़ा का तरीका बताने वाले लिंक हंटर ग्रुप के यूजर के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। इसके लिए टेलीग्राम से यूजर आईडी और आईपी एड्रेस मेल करके मांगा जाएगा। ताकि मुख्य आरोपी तक पुलिस पहुंच सके।
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