यह है मामला
सहजनवां में आठ मार्च को एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। शव कब्जे में लेकर पुलिस ने पहचान कराने की कोशिश की। शिनाख्त न होने पर शव को बीआरडी मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवा दिया।72 घंटे पूरे होने के बाद जब शिनाख्त नहीं हुई तब नियमानुसार, सहजनवां पुलिस 12 मार्च को युवक का पोस्टमार्टम कराने पहुंची।
पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों की लापरवाही से 25 वर्षीय युवक की जगह 70 साल के दुखी का पोस्टमार्टम कर शव पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने भी शव बिना देखे राजघाट ले जाकर दफना दिया। 13 मार्च को सहजनवां के मईला गांव से रामवृक्ष यादव पहुंचे।
उन्होंने फोटो के आधार पर ट्रेन से कटने वाले युवक की पहचान अपने बेटे राहुल यादव (25) के रूप में की। तब पुलिस ने उनके बेटे को दफनाए जाने की जानकारी भी दे दी। दुखी के परिजनों के आने पर शव दिखाया गया तो जींस और टी-शर्ट में एक युवक का था। उसे देखकर हैरानी जाहिर करते हुए कहा कि बुजुर्ग लूंगी पहनते थे। इसके बाद सचाई सामने आई। सोमवार को दुखी के भाई महंथ और राहुल यादव के पिता रामवृक्ष को शव सौंप दिया गया।
प्रशासन से अनुमति के बाद शव को निकलवाया गया है। दोबारा उसका पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों का सौंप दिया गया। मोर्चरी में पोस्टमार्टम के समय लापरवाही हुई है। इस वजह से ऐसा हुआ है: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी