गोरखपुर। खोराबार में कक्षा छह में पढ़ने वाले 14 वर्ष के कक्षा छह छात्र ने घर में चोरी के बाद खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच दी। रविवार शाम को उसने पिता को फोन कर अपहरण की जानकारी दी थी। पिता ने पुलिस को बताया तो उसकी तलाश शुरू हो गई थी। सोमवार सुबह 10 बजे वह खुद ही घर पहुंच गया। उसने जो भी बताया, पुलिस ने छानबीन की तो सारा मामला खुल गया।
सोमवार को पिता के साथ थाने पहुंचे किशोर ने बताया कि एक कार से आए लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था। रास्ते में पेट्रोल डलवाने रुके तो वह भागकर छिप गया। उसने पिता के पास पेट्रोल पंप कर्मचारी से फोन कराया और बचकर थाने आया है। पुलिस ने छानबीन की तो कहानी झूठी निकली। पता चला कि किशोर ने घर से 15 सौ रुपये चोरी कर लिए थे। छिपाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस की जांच में पता चला कि जिस कार के नंबर को किशोर ने अपहृता का बताया था, वह एक अधिवक्ता की है। उस समय वह कचहरी परिसर में थे और कार का इस्तेमाल कई दिनों से नहीं किए थे। कार घर पर खड़ी थी।
यहीं से पुलिस को किशोर की कहानी पर शक हो गया। इसके बाद पुलिस उस पेट्रोल पंप पर पहुंच गई, जहां पर उसने पेट्रोल डलवाने की बात कही थी। सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया तो कुछ भी नहीं मिला। पुलिस उस कर्मचारी से बात की तो उसने बताया कि बच्चा खुद आराम से चलकर आया था। घरवाले से बात कराने का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को अलग बैठाकर पूछा तो उसने सच बता दिया। चोरी की बात जानने के बाद पिता भी हैरान हो गए और बच्चे को लेकर घर चले गए।
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कोट-
किशोर ने पिता के साथ खोराबार थाने में अपहरण की सूचना दी थी। जांच में पता चला है कि उसने घर से कुछ रुपये बिना बताए ले लिए थे। इस वजह से उसने झूठी कहानी गढ़ी थी।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी