छह फरवरी को जीडीए ने दिया था अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश
जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता की अगुवाई में गई टीम ने की कार्रवाई
गोरखपुर। कोतवाली के पास नए शापिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही हो गया। छह फरवरी को जीडीए ने अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था। शनिवार को जीडीए टीम बुलडोजर के साथ पहुंची और निर्माण तोड़ना शुरू हुआ तो वहां हंगामा मच गया। शापिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराने वालों ने कुछ दिन की मोहलत मांगी। इसके बाद टीम केवल सीढ़ी तोड़कर टीम लौट गई।
मियां बाजार निवासी इरफान, गुफरान और उस्मान ने करीब 100 वर्ग मीटर जमीन पर एक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया है। बीते जनवरी में अवर अभियंता ने बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही निर्माण कार्य कराने की सूचना दी थी, जिस पर 6 जनवरी को पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद 21 जनवरी को दूसरी नोटिस दी गई। 06 फरवरी को मामले की सुनवाई करते हुए जीडीए के पीठासीन अधिकारी ने निर्माण अवैध मानते हुए इसके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। साथ ही यह निर्देश भी दिया गया कि 15 दिन के अंदर स्वयं निर्माण तोड़ लें। अन्यथा जीडीए की तरफ से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने पर खर्च भी वसूला जाएगा।
शनिवार दोपहर बाद बाद जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता की अगुवाई में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में निर्माण कार्य तोड़ा जाने लगा। इस दौरान वहां पहुंचे पक्षकारों ने निर्माण कार्य तोड़ने के लिए कुछ दिन और मोहलत देने की मांग की गई। इसके बाद जीडीए टीम इस कॉम्प्लेक्स की सीढ़ी तोड़कर लौट गई। इस कार्रवाई के चलते काफी देर तक मौके पर गहमा गहमी की स्थिति रही।