तेल, दूध, पनीर और बेसन में मिलावट प्रमाणित, न्यायालय ने लगाया अर्थदंड
दो वर्ष की परिवीक्षा पर छोड़े गए सभी दोषियों, नियम उल्लंघन पर भुगतनी होगी सजा
गोरखपुर। खाद्य अपमिश्रण मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने छह दुकानदारों को दोष सिद्ध होने पर आर्थिक सजा (करीब एक लाख रुपये) सुनाई है। इन पर तेल, दूध, पनीर और बेसन में मिलावट का आरोप था। अदालत ने इन सभी छह को अलग-अलग समय तक सक्षम अधिकारी की निगरानी में रहने का भी निर्देश दिया है।
दोषियों को समय-समय पर न्यायालय अथवा जिला प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना पड़ेगा। यदि परिवीक्षा अवधि में किसी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है तो आरोपियों को शेष सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा मिलावट किए गए खाद्य पदार्थ आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते थे। जिन दुकानदारों पर कार्रवाई की गई है उनमें अजय कुमार लाट (चौरीचौरा), विनय कुमार मद्धेशिया (तिघरा), चंद्रभान यादव (गोपलापुर झंगहा), दिनेश यादव उर्फ विकास यादव (अंधियारी बाग), लाजपत राय, जटाशंकर तथा बाबूलाल गुप्ता (हुमायुंपुर उत्तरी) शामिल हैं। इसमें चंद्रभान को 12, दिनेश को 12, विनय 15, बाबूलाल छह हजार रुपये जुर्माना भरना है। इसी तरह लाजपत राय, जटाशंकर भी जुर्माना लगा है। कुल करीब एक लाख जुर्माना सभी को जमा करना है।