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Gorakhpur News: 20 साल से पंजाब में लापता भाई को ढूढ रही बहन

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गोरखपुर। पीपीगंज का कुंभकरण 20 साल पहले पंजाब के चंड़ीगढ़ शहर में नौकरी करने गया और कुछ दिन बाद उसकी सांप काटने से मौत की खबर घर आई। यह बात घरवालों को नहीं पची और बहन सुमित्रा पिता राजाराम के साथ सच्चाई पता करने चंडीगढ़ पहुंची। वहां मौत के कोई साक्ष्य तो नहीं मिले, लेकिन एक जगह पर उसे यह बताया गया कि कुंभकरण को कहीं दूर भेज दिया गया है। तभी से सुमित्रा अपने भाई के अपहरण की आशंका पर उसे खोजने का प्रयास कर रही है। सोमवार को एसपी उत्तरी से मिलकर सीबीसीआईडी जांच की मांग की।
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पीपीगंज के बढ़नी में सुमित्रा ने बताया कि मां के मामा का लड़का रामकेवल आठ मई 2005 को कुंभकरण (19) को ट्रक चालक की नौकरी दिलाने साथ लेकर पंजाब गया। वहां से उसने बताया कि कुंभकरण चंडीगढ़ में एक सरदार का ट्रक चला रहा है। 17 मई को रामकेवल ने पीपीगंज थाने में अपनी लड़की के अपहरण का आरोप लगाते हुए कुंभकरण पर केस दर्ज करा दिया। केस की जांच के 15 दिन के अंदर ही रामकेवल की लड़की उसके घर पर देखी गई। इसी बीच कुंभकरण की सांप काटने से मौत की सूचना मिली।

सुमित्रा अपने पिता के साथ चंडीगढ़ पहुंची, वहां न तो कुंभकरण का पता चला, न ही उसकी सांप काटने से हुई मौत का कोई साक्ष्य मिला। इसके बाद सुमित्रा के पिता राजाराम ने रामकेवल और उसकी बेटी पर वर्ष 2007 में पीपीगंज थाने में केस दर्ज कराया। आरोप है कि दोषियों द्वारा कुछ ही दिन बाद सांप काटने से कुंभकरण की मौत होने का चंडीगढ़ पीजीआई का फर्जी सर्टिफिकेट विवेचक को उपलब्ध कराया गया, जिसके आधार पर केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। विवेचक द्वारा सर्टिफिकेट की चंड़ीगढ़ जाकर जांच भी नहीं कराई गई। वर्ष 2017 में सुमित्रा के पिता की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम भी कराया, लेकिन उसकी रिपोर्ट आज तक उसे नहीं मिली।
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चंड़ीगढ़ से सुमित्रा ने जुटाए साक्ष्य
पिता की मौत के बाद चंडीगढ़ जाकर सुमित्रा ने अपने भाई की तलाश शुरू की। जहां से मौत का सर्टिफिकेट जारी हुआ था, वहां जाकर भी पूछताछ की तो पता चला कि कोई पोस्टमार्टम ही नहीं हुआ था। वहीं ट्रक मालिक के घर जाने पर पता चला कि उसके भाई को कहीं दूर भेज दिया गया है। इसके बाद से ही सुमित्रा अपने भाई की तलाश में चंडीगढ़ और गोरखपुर पुलिस से मदद मांग रही है। उसे आशंका है कि कुंभकरण को साजिशन अपहरण कर कहीं छिपा दिया गया है।
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वर्जन
एक महिला आई थी, उसके प्रार्थना पत्र की जांच कराई जा रही है। जांच कर साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी
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