गोरखपुर। खोराबार क्षेत्र के छितौना में जमीन की सौदेबाजी में एक बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। जमीन बेचने वाले चाचा को मृत बताकर भतीजों ने खरीदार, उसकी पत्नी और चाचा पर फर्जीवाड़ा सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करा दिया है। भतीजों का दावा है कि उसके चाचा की मौत हो चुकी है। उनकी जगह किसी दूसरे ने खड़े होकर जमीन का सौदा कर दिया। एफआईआर की विवेचना कर रहे दरोगा ने जांच के बाद चार्जशीट लगा दी है। आरोपी चाचा और उससे जमीन खरीदने वाले दंपती पुलिस अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। चाचा ने एसएसपी से मिलकर खुद को जिंदा बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि साहब आप की पुलिस ने मुझे भूत (मृतक) बना दिया है, जबकि मैं जिंदा हूं।
जानकारी के अनुसार, छितौना के रामसिंह ने गांव के ही रामकेवल से अपनी पत्नी गुड्डी सिंह के नाम 29 डिसमिल जमीन 24 फरवरी 2023 को खरीदी। करीब 10 लाख रुपये में सौदा हुआ। वर्तमान में रामकेवल अपनी मां के साथ गगहा क्षेत्र के गजपुर स्थित रिश्तेदारी में रहते हैं। इस मामले की जानकारी जब रामकेवल के भतीजों रामशरण और श्रवण को हुई तो उन लोगों ने खोराबार थाने में सात फरवरी 2024 को जमीन खरीदने वाले रामसिंह, उनकी पत्नी गुड्डी सिंह और चाचा रामकेवल के खिलाफ जालसाजी, कूट रचित दस्तावेज का इस्तेमाल करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करा दिया।
केस की विवचेना कर रहे दरोगा ने अब रामकेवल और दो अन्य आरोपियों को दोषी मानते हुए चार्जशीट फाइल कर दी है। बृहस्पतिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे रामकेवल ने खुद को जिंदा बताते हुए एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वह जिंदा हैं और उन्होंने अपने हिस्से की ही जमीन बेची है।
पहले भी भतीजे कर चुके हैं गोलमाल
रामकेवल ने एसएसपी को बताया कि वह बचपन में ही गगहा के गजपुर में जाकर रहने लगे। गांव से नाता टूटने पर उनको सरकारी दस्तावेजों में 1950 में मृत दर्शा दिया गया है। उनको इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने जब अपने हिस्से की जमीन बेची है तो यह मामला सामने आया है। इस मामले में 31 अगस्त 2023 को हुई जांच में पुलिस ने रामकेवल को जिंदा बताकर रिपोर्ट लगाई थी, लेकिन बाद में केस दर्ज हो गया।
डीएनए रिपोर्ट से सुलझेगी असली और नकली की गुत्थी
रामकेवल को उनके भतीजे फर्जी बता रहे हैं। उनका आरोप है कि चाचा बनकर किसी दूसरे व्यक्ति ने फर्जीवाड़ा किया है। इस मामले में एक ओर जहां दरोगा की ओर से चार्जशीट लग गई है। वहीं, दूसरी ओर डीएनए जांच ही अंतिम विकल्प बच रहा है। मामले का निस्तारण कराने के लिए पुलिस डीएनए जांच करा सकती है। जांच से असली और नकली रामकेवल का खेल सामने आ जाएगा।
कोट,इस मामले की जांच का निर्देश एसपी सिटी को दिया गया है। इसकी दोबारा समीक्षा की जाएगी। इसके बाद साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी