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सिख-नाथ परंपरा: राष्ट्रभक्ति और बलिदान की साझा धारा

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पैडलेगंज गुरुद्वारा में पर्यटन विकास योजनाओं का किया लोकार्पण
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गोरखपुर। पैडलेगंज गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा में रविवार को मुख्यमंत्री योगी ने पर्यटन विकास कार्यों और गुरुद्वारा परिसर के विस्तार योजनाओं का शुभारंभ करते हुए सिख परंपरा के शौर्य और बलिदान को नमन किया। मंच से मुख्यमंत्री और वक्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि नाथ और सिख परंपरा एक ही सांस्कृतिक धारा की दो मजबूत कड़ियां हैं, जिनकी नींव राष्ट्रभक्ति और बलिदान पर टिकी है।
सिख समाज के लोगों ने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों ने जहां सिख समुदाय को हाशिए पर रखा, वहीं योगी सरकार ने उन्हें न सिर्फ सम्मान दिया बल्कि उनके धार्मिक स्थलों और विरासत को भी संरक्षित व विकसित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही परंपरा है, जिसने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने नन्हे साहिबजादों तक का बलिदान दिया, लेकिन दशकों तक उपेक्षित रही। सत्ता संभालने के बाद उन्होंने इसे न केवल जीवित किया, बल्कि नए गौरव के साथ समाज के बीच स्थापित किया।
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सिख गौरव को मिला नया जीवन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुरुद्वारे जाति-समुदाय से परे होकर सभी का स्वागत करते हैं। यही सिख परंपरा का संदेश है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर के प्रमुख तीनों गुरुद्वारों जटाशंकर, मोहद्दीपुर और पैडलेगंज को बेहतर स्वरूप देने का कार्य किया गया है। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना की 421वीं वर्षगांठ को विशेष बताते हुए कहा कि सिख गुरुओं का हर क्षण राष्ट्र, धर्म और मानवता को समर्पित रहा है।
योगी सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए सिख समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पाठ्यक्रमों में सिख गुरुओं के इतिहास को शामिल करना, आलमबाग में ''''खालसा चौक'''' की स्थापना और सरकारी स्तर पर ''''साहिबजादा दिवस'''' मनाने की शुरुआत, ऐसे ऐतिहासिक कदम हैं जो नई पीढ़ी को बलिदान और धर्म रक्षा की प्रेरणा देंगे। मुख्यमंत्री आवास पर गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व और साहिबजादों के बलिदान दिवस पर आयोजन इसका प्रमाण हैं।

पंच तख्त यात्रा योजना की ऐतिहासिक पहल
योगी सरकार की ''''पंच तख्त यात्रा योजना'''' को सिख श्रद्धा और सनातन संस्कृति के बीच सेतु बताया गया। इस योजना के तहत प्रदेश के श्रद्धालु सिख पंथ के पांचों प्रमुख तख्त साहिबों आनंदपुर, अकाल तख्त, दमदमा, हजूर साहिब और पटना साहिब की यात्रा कर सकेंगे। सरकार प्रत्येक श्रद्धालु को आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराएगी। वक्ताओं ने कहा कि यह योजना बताती है कि योगी सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परंपरा को सम्मान देने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें सिखों को सनातन से अलग करने की राजनीति करती रहीं। न तो उनके बलिदान को स्थान दिया गया, न उन्हें उचित सम्मान मिला। लेकिन अब प्रदेश में यह भाव स्थापित हो चुका है कि सनातन और सिख परंपरा एक ही साझा सांस्कृतिक धारा हैं। बैसाखी पर्व पर भी उन्होंने स्पष्ट कहा था कि धर्म रक्षा और राष्ट्र सेवा ही जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है।
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गोरखपुर में सिख योगदान की सराहना
सीएम ने कहा कि गोरखपुर में सिख समुदाय की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। यहां के गुरुद्वारे लंबे समय से आस्था के केंद्र हैं और अब उन्हें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूर्वांचल के सिख समाज को एकजुट करने का अवसर है।
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