गोरखपुर। महाराष्ट्र में एनसीपी के बड़े नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर चर्चा में है। इस कांड के तार यूपी के पूर्वांचल से जुड़ने के बाद चर्चा है कि इस गैंग के लिए शूटर शशांक पांडेय तैयार कर रहा है। एसटीएफ सूत्रों की मानें तो उसने लक्जरी लाइफ और जरायम के चकाचौंध को दिखाकर शहर के करीब दस मनबढ़ युवाओं को गैंग से जोड़ा है।
इसके अलावा बिहार, कुशीनगर और देवरिया के युवाओं को भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जोड़ा गया है। एसटीएफ सूत्रों की मानें तो बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में मुंबई पुलिस ने गोरखपुर एसटीएफ से भी संपर्क किया है। गोरखपुर यूनिट की टीम भी बहराइच जाकर दो आरोपियों और शशांक पांडेय के नेटवर्क की तलाश कर रही है।
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि मुंबई पुलिस के पास हत्याकांड से जुड़े नए तथ्य सामने आए थे। इसमें तीनों के अलावा करीब पंद्रह और लोगों के जुड़े होने की बात सामने आई थी। बीते दिनों मुंबई में अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के तार गोरखपुर से जुड़े थे। गोली लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोगों ने चलाई थी, लेकिन वारदात में प्रयोग की गई पिस्टल की सप्लाई गोरखपुर से हुई थी।
असलहा सप्लाई करने वाले गैंग का सक्रिय गुर्गा मनीष यादव को गोरखपुर एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मनीष ने बताया था कि गैंग से उसका जुड़ाव शशांक ने करवाया था। सूत्रों की मानें तो मुंबई में हत्या किए जाने के बाद और अन्य कुछ नाम सामने आने पर मुंबई पुलिस ने फायरिंग से जुड़ी फाइलों को भी खंगाला है। इसमें शशांक का नाम सामने आया।
मुंबई पुलिस ने तफ्तीश की तो शशांक कुछ दिनों पहले जमानत पर जेल से छूटकर बाहर निकल गया था। ऐसे में मुंबई पुलिस ने गोरखपुर एसटीएफ से भी शशांक के पूरे नेटवर्क को खंगालने और पिछले छह महीने में उसके संपर्क में आए लोगों की सूची मांगी है। शशांक से जुड़ी सूचनाएं अगले 48 घंटे के भीतर एसटीएफ मुंबई पुलिस को सौंप देगी।
जमानत पर छूटा, गोरखपुर भी आया था शशांक
पिछले दिनों जेल से छूटे एक सूत्र ने बताया कि तकरीबन 20 दिन पहले शशांक पांडेय गोरखपुर आया था। इस दौरान रानीडीहा और तारामंडल इलाके में शशांक का आना-जाना भी रहा। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ के पास भी शशांक के जेल से छूटने और बाहर आने की जानकारी नहीं है। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि नंदानगर, सिंघड़िया, आदर्शनगर और तारामंडल के 10 मनबढ़ युवाओं की सूची एसटीएफ ने तैयार की है।
हरियाणा जेल में आर्म्स एक्ट में था बंद शशांक
एसटीएफ ने पिछले दिनों गोरखपुर के चिलुआताल इलाके के रामलीला मैदान के पास से शशांक पांडेय को गिरफ्तार किया था। गोरखपुर एसटीएफ और अंबाला एसटीएफ ने संयुक्त अभियान में ये गिरफ्तारी की थी। उसके खिलाफ हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद थाने में वर्ष 2023 में आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग को शशांक असलहे सप्लाई करता था, इसी आरोप में उसे हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
इंटररेट के जरिए तलाशते हैं नए गुर्गे
एसटीएफ सूत्रों की मानें तो लॉरेंस ने अपना इंटरनेट मीडिया विंग बना रखा है। शशांक पांडेय पूर्वांचल में इस विंग को संभालता करता है। फेसबुक व इंस्टाग्राम पर लॉरेंस नाम के दर्जनों पेज बना रखे हैं, जिसके जरिये गुर्गे ऑनलाइन भर्ती के लिए ऐसे युवाओं की तलाश करते हैं। लोकल जुड़ाव होने की वजह से ये जुड़ते चले जाते हैं।