गोरखपुर। गीडा इलाके के एकला बंधे पर पंजाब की आर्केस्ट्रा डांसरों से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एससी-एसटी एक्ट की धारा बढ़ सकती है। दोनों डांसरों ने अपने प्रमाणपत्र मंगा लिए हैं। उनका कहना है कि हर हाल में सभी आरोपियों को सख्त सजा दिलाएंगे, तभी चैन से बैठेंगे।
डांसरों का कहना है कि इस घटना के बाद वे बहुत डर गई थीं, लेकिन ऐसा और के साथ न हो, इसलिए अब निडर होकर केस की पैरवी में जुट गई हैं। कुछ लोगों ने समझौते के लिए संपर्क भी साधा था, उन्हें चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कह दिया गया कि किसी भी हाल में गलत करने वाले आरोपियों को माफ नहीं करेंगे।
आर्केस्ट्रा संचालक सूरज की तहरीर पर गीडा थाने में सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया है। सूरज ने बताया कि इस केस में एससी-एसटी एक्ट की धारा नहीं लगी है। दोनों नर्तकियों ने कागजात मंगा लिए हैं। प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों पर एससी-एसटी की धारा बढ़ाने के लिए अधिकारियों से निवेदन करेंगे, ताकि वे जेल से न छूट पाएं और उन्हें सख्त सजा मिल सके।
उन्होंने कहा कि आरोपी मनबढ़ और पहुंच वाले हैं, वे जेल से छूटकर केस को प्रभावित कर सकते हैं। एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एससी-एसटी की धारा बढ़वाने के लिए कागजात मिलेंगे तो जांच कर उसे बढ़ाया जाएगा।
एक सप्ताह में लगी चार्जशीट
एकला बंधे पर 16 जुलाई की देर रात दोनों डांसरों को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने आर्केस्ट्रा संचालक सूरज की तहरीर पर पांच आरोपियों पर केस दर्ज किया था। पुलिस ने भी एक सप्ताह के अंदर 25 जुलाई को केस की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी। साथ ही आरोपियों पर पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई भी कर चुकी है।
कुशीनगर दुष्कर्म कांड में चार्जशीट लगने पर गोरखपुर में होगी कार्रवाई
कुशीनगर में आठ सितंबर की देर रात सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। इसमें शामिल आठ आरोपियों में से पांच गोरखपुर जिले के हैं। इसमे गोरखपुर जिले के बरही कोठी निवासी आर्थक सिंह, फर्टिलाइजर रोड के डॉ. विवेक सेठ व नागेंद्र यादव, पिपराइच के अस्वन सिंह और नारायण नगरी के कृष तिवारी का नाम शामिल है। इनके अलावा तीन आरोपी कुशीनगर जिले के कप्तानगंज के सोहनी गांव के अजीत सिंह, रामकोला थाना के धोधरही गांव निवासी निसार अंसारी और कप्तानगंज के बभनौली के आदित्य हैं। कुशीनगर में केस में चार्जशीट लगने के बाद गोरखपुर पुलिस जिले के आरोपियों पर हिस्ट्रीशीटर की कार्रवाई कर सकती है। आर्थक सिंह पर दर्ज मारपीट के एक मामले में कैंट थाने से एफआर लगा था, उसकी जांच भी पुलिस कर रही है।