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Gorakhpur News: डोमिनगढ़ में एसटीपी-डीएसटीपी निर्माण के लिए जमीन की तलाश

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छह नालों के पानी का होगा शोधन, पहले लालडिग्गी के पास बनना था
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गोरखपुर। शहर के पश्चिमी हिस्से में गंदे नालों के पानी को राप्ती नदी में गिरने से पहले शुद्ध करने की दिशा में जल निगम ने तैयारी तेज कर दी है। बहरामपुर, इलाहीबाग और डोमिनगढ़ क्षेत्र के नालों के लिए 45 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और पांच विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) स्थापित किए जाने की योजना है। हालांकि, लालडिग्गी के पास पहले से चिह्नित भूमि हार्बर्ट बांध-डोमिनगढ़ फोरलेन की जद में आने के कारण निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो गई है।
अब जिला प्रशासन और जल निगम मिलकर डोमिनगढ़ क्षेत्र में नई भूमि की तलाश में जुटे हैं। प्रशासन ने काश्तकारों से बातचीत शुरू कर दी है, ताकि आपसी सहमति से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। नगर विकास विभाग इस परियोजना के लिए आवश्यक फंड उपलब्ध कराएगा। करीब 450 करोड़ रुपये की इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट जल निगम ग्रामीण की ओर से तैयार कर शासन को भेजा जा का है। 2022 में नगर निगम और सदर तहसील ने भूमि चिह्नित की थी पर मात्र 1.213 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध हो सकी थी। एसटीपी के लिए 2.50 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जबकि डीएसटीपी के लिए अलग-अलग स्थानों पर 20 गुणा 20 से लेकर 55 गुणा 55 मीटर क्षेत्रफल की भूमि चाहिए।
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ये डीएसटीपी ट्रांसपोर्टनगर, हांसूपुर राजघाट, बसंतपुर घसियारी और बसंतपुर नरकटिया जैसे इलाकों में बनाए जाएंगे। प्रत्येक डीएसटीपी की क्षमता डेढ़ से दो एमएलडी होगी। इन संयंत्रों से नालों का गंदा पानी शुद्ध होकर राप्ती नदी में प्रवाहित किया जाएगा। जलनिगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता अखिलानंद ने बताया कि हार्बर्ट बांध-डोमिनगढ़ फोरलेन की जद में भूमि आने के कारण एसटीपी के लिए नया स्थान चिह्नित किया जा रहा है। भूमि उपलब्ध होते ही नमामि गंगे परियोजना से स्वीकृति मिल जाएगी।
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