मोगलहा में निर्माणाधीन मकान की छत पर हाईटेंशन लाइन के करंट से युवती की मौत के मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार की ओर से राप्तीनगर के एसडीओ भानु प्रताप, मेडिकल काॅलेज उपकेंद्र के जेई दुर्गा प्रसाद और मेडिकल काॅलेज उपकेंद्र के तकनीशियन ग्रेड टू जयंत गौतम को निलंबित कर दिया गया।
साथ ही मेडिकल काॅलेज उपकेंद्र के छह निविदाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। राप्तीनगर के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बिजली निगम के संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों पर आरोप है कि बिजली कर्मियों की साठगांठ से मोगलहा में निर्माणाधीन मकान को बनाने के लिए छत के ऊपर 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजरने के बाद भी शटडाउन लेकर लिंटर लगाया गया था। इसके बाद छत पर खड़ी युवती की करंट लगने से मौत हो गई थी। मामले की जांच के निर्देश चेयरमैन डाॅ. आशीष गोयल ने दिए थे।
बताया जा रहा है कि सेमरा नंबर दो की शिक्षक शशिबाला मौर्या ने मोगलहा के मकान पर पहली मंजिल का काम शुरू कराया था। मकान के ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट की लाइन के कारण बिजलीकर्मियों ने अवैध रूप से पांच व 11 अगस्त को शटडाउन दिया। इसके बाद छत लगा दी गई। यही नहीं, तार पर प्लास्टिक की पाइप भी डाल दी गई।
यह गलत है लेकिन पूरा मामला मैनेज हो गया। 14 सितंबर को शशिबाला मौर्या की 18 वर्षीय बेटी साक्षी उर्फ प्रज्ञा छत पर गई थी। तार पर प्लास्टिक की पाइप होने के कारण वह करंट के खतरे से अंजान रही, करंट की चपेट में आ गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण द्वितीय दीपक कुमार के नेतृत्व में टीम ने जांच रिपोर्ट शनिवार को सौंप दी थी।
ये निविदा कर्मी किए गए बर्खास्त
करंट से युवती की मौत के मामले में निविदा कर्मी राहुल गोस्वामी, विशाल मिश्र, गौरीशंकर, शिवम चौहान, संजय साहनी, सब स्टेशन आपरेटर राघवेंद्र कुमार सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।