बड़हलगंज क्षेत्र के सूबेदारनगर माझा के प्रधान सत्यसेन सिंह, ज्ञानकोल के मुकेश यादव, राजीव सिंह, केके तिवारी आदि ने बाढ़ से घिरे गांवों में नाव चलवाने की मांग की है। वहीं हिंगुहार गांव के बाहर सार्वजनिक शौचालय व जल निगम की ओर से नवनिर्मित ओवरहेड टैंक के परिसर में पानी भर गया है।
बड़हलगंज/गोला। सरयू और राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से कछार और दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। डेरवा से लखनौरी लखनौरा, खोहिया पट्टी, बैरियाखास को जाने वाली मुख्य सड़क पर राप्ती नदी का पानी बहने लगा है। बाइक सवार बैरिया पिड़हनी होते हुए आवाजाही कर रहे हैं। वहीं गोला क्षेत्र के पांच गांव बारानगर, तीरागांव, नायकपुरा, बांहपुर और रामामऊ में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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नदी के जलस्तर में हुई अप्रत्याशित वृद्धि से बिसरा गांव के लोग सहमे हुए हैं। बड़हलगंज क्षेत्र के सूबेदारनगर माझा के प्रधान सत्यसेन सिंह, ज्ञानकोल के मुकेश यादव, राजीव सिंह, केके तिवारी आदि ने बाढ़ से घिरे गांवों में नाव चलवाने की मांग की है। वहीं हिंगुहार गांव के बाहर सार्वजनिक शौचालय व जल निगम की ओर से नवनिर्मित ओवरहेड टैंक के परिसर में पानी भर गया है।
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अगर राप्ती नदी का पानी बढ़ा तो लखनौरी, लखनौरा, हिंगुहार, सूबेदारनगर माझा, खोहिया पट्टी व सरयू नदी के बाढ़ से कोटिया दीपशाह, कोटिया निरंजन, बेलवा गुलाब सिंह, बेलवा तुरंत सिंह, मूसाडीह गांव बाढ़ प्रभावित हो जाएंगे।
तहसीलदार गोला सत्येंद्र मौर्य का कहना हैं कि 16 बाढ़ चौकियां संचालित हैं। प्रत्येक चौकी पर 10-10 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा गोताखोर भी लगाए गए हैं। बाढ़ पर नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार नाव की व्यवस्था की जाएगी।
विधायक के साथ डीएम ने किया बाढ़ प्रभावित बगहा गांव का दौरा
बड़हलगंज। बगहा गड़ेरी गांव में कटान व इलाके के बाढ़ प्रभावित होने की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को डीएम दीपक मीणा, एडीएम वित्त विनीत कुमार सिंह, चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी के साथ बगहा गांव पहुंचे। ग्रामीणों से बात कर उनकी समस्या जानी। उन्होंने बगहा गांव को बचाने के लिए किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की।
ग्राम प्रधान सुभाष यादव ने गड़ेरी टोला के नदी में समाहित होने और चिल्लूपार संघर्ष समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार उर्फ बबलू राय ने बगहा देवार में हो रही कटान की जानकारी देते हुए पीड़ितों को दूसरी जगह बसाने की मांग की। डीएम ने कहा कि बगहा गांव को हर हाल में बचाया जाएगा। इसके लिए परियोजना की फाइल शासन में भेजी जा रही है।
गांव में आवागमन के लिए सड़क को कटान से बचाने की प्राथमिकता है। गांव में जिन दो-तीन बिंदुओं पर कटान की आशंका बन रही है, वहां जल्द ही बचाव कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। बगहा के प्राथमिक विद्यालय को भी कटान से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अगर कोई ऐसी स्थिति आती है तो विद्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा। गड़ेरी टोले के पीड़ित जो लोग सड़क पर शरण लिए हुए हैं, उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि बगहा को कटान से बचाने के लिए पत्र लिखा था। इसपर दो किमी एरिया में पार्क्यूपाइन लगाया जाना था लेकिन एक किमी ही काम हो पाया था कि नदी घूमकर कटान करने लगी।
बाढ़ के पानी में गिरा पीपल का पेड़, मंदिर पर बढ़ा खतरा
कोहना गांव के नौवा बाबा कुटी परिसर स्थित पीपल का पुराना पेड़ सरयू नदी के पानी में गिर गया है। पानी बढ़ने पर मंदिर का वजूद भी खतरे में पड़ जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि कुटी के पश्चिमी छोर पर नदी के किनारे 100 वर्ष से भी अधिक उम्र का एक पीपल का पेड़ था। वह बृहस्पतिवार की रात में नदी के पानी में गिर गया।