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Gorakhpur News: नमूने फेल...बिछिया का खोवा, खजनी-पिपराइच का पनीर मिलावटी

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गोपालगंज का देसी घी का नमूना भी मानक पर खरा नहीं, दही, बर्फी व जैम रोल भी अधोमानक
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने मार्च-अप्रैल में लिए थे 10 नमूने, अब आई है रिपोर्ट

गोरखपुर। शहर में होली के मौके पर बिका खोवा, पनीर, देसी घी और बर्फी समेत कुछ अन्य खाद्य सामग्रियों के 10 नमूनों की रिपोर्ट आई है। इनके नमूने फेल मिले हैं। इनमें बिछिया के कारखाने में बना खोवा और खजनी व पिपराइच में बना पनीर मिलावटी पाया गया है। गोपालगंज (बिहार) से लाकर कूड़ाघाट में बेचा जा रहा देसी घी भी मिलावटी मिला है। इसके अलावा दही और बर्फी के नमूनों में भी मिलावट पाई गई है। सभी को नोटिस भेजा गया है। अब इन मामलों में केस दर्ज कराया जाएगा।
आजादनगर बिछिया में शुक्ला पनीर एंड मिल्क प्रोडक्ट्स के कारखाने से 9 अप्रैल को खोवा का नमूना लिया गया था। रिपोर्ट में यह अधोमानक पाया गया है। इसमें पाउडर और रिफाइंड के मिलावट की आशंका है। फर्म को नोटिस भेजा गया है। बताया जा रहा है कि यहां से बना पनीर व खोवा शहर के मोहद्दीपुर से लेकर असुरन व पादरी बाजार इलाके में भी भेजा जाता है।
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छह मई को शहर में खजनी से बाइक पर लाकर बेचे जा रहे पनीर का नमूना लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट में फैट नहीं मिला है। 29 अप्रैल को कूड़ाघाट की एक दुकान पर बिक रहे प्रकाश शुद्ध देसी घी का नमूना लिया गया। इसका उपयोग मिठाई की दुकानों पर होता है। जांच में इसका नमूना भी अधोमानक पाया गया है। घी में फैट समेत कई महत्वपूर्ण मानक कम पाए गए हैं। खजनी क्षेत्र के भैंसा बाजार की दुकान से बर्फी मिठाई का नमूना लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट में बाहरी तत्व की बात आई है।
मतलब यह कि मिठाई बनाने के लिए इसमें पाउडर का इस्तेमाल किया गया होगा। खजनी से आए पनीर का एक नमूना भी मिलावटी पाया गया है। 29 अप्रैल को लिए गए इस नमूने में पाउडर से पनीर बनाने की बात सामने आई है। इसके अलावा चंदौली जिले से मंगाए गए खोवा में भी मिलावट की पुष्टि हुई है। पिपराइच की दो दुकानों से लिए गए पनीर में भी दूध के गुण नहीं मिले। इसके अलावा मोतीराम अड्डा से लिए गए जैमरोल और गीडा से लिए चिप्स को भी जांच में मिसब्रांड माना गया है। मतलब यह है कि इस खाद्य सामग्री के पैकेट पर जो गुण बताए गए हैं, वह खाद्य सामग्री में नहीं है।

दही में भी मिलावट की पुष्टि
बीते 10 मई को सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज के पास एक गाड़ी में रखकर बिक रहा दही का नमूना लिया गया था। जांच रिपोर्ट में दही अधोमानक पाया गया है। मतलब यह कि इसमें भी फैट व दूध के अन्य गुण नहीं पाए गए हैं। यह पाउडर वाला दही है। इसके अलावा अमूल मस्ती ब्रांड का 400 ग्राम दही का नमूना भी मानक पर खरा नहीं उतरा है।

मिलावटी खोवा और घी से बन रही हैं मिठाइयां
बिहार के गोपालगंज से आने वाला देसी घी महज 500 रुपये किलो के भाव से बिक रहा है। इसका सबसे अधिक उपयोग मिठाई बनाने वाले दुकानदार करते हैं। घी बेचने वालों का दावा होता है कि यह दूध की मलाई से बना है, हालांकि जानकार इसे दिल्ली से मंगाए गए एक केमिकल से बना बताते हैं, जिसमें खुशबू के लिए एक एसेंस डाला जाता है। इसी घी से बनी मिठाई को दुकानदार शुद्ध देसी घी वाली मिठाई बताकर बेचते हैं। यही हाल खोवा का है। शहर में मिलावटी खोवा और पनीर का धंधा गली-गली फैल गया है।
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सेहत के लिए नुकसानदेह है यह मिलावट
प्रोटीन व कैल्शियम के लिए दूध व दूध से बने पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन जब यही मिलावटी है तो इसे खाकर स्वस्थ आदमी भी बीमार हो जाएगा। दूध की जगह पाउडर व केमिकल का प्रभाव हमारे शरीर के हर अंग पर पड़ेगा।
-डॉ. राजकिशोर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज

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