पूर्व चेयरमैन का पूरा लेखा-जोखा जुटाने के बाद लिया सर्च वारंट, मोबाइल कॉल डिटेल भी निकाली
लिखित शिकायत करने वाले 18 अभ्यर्थियों से भी हुई पूछताछ, जनवरी 2025 में रेलवे विजिलेंस ने की थी केस दर्ज करने की सिफारिश
गोरखपुर। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) में सहायक लोको पायलट, तकनीशियन की भर्ती में गड़बड़ी के मामले में केस दर्ज करने के पहले सीबीआई ने पुख्ता सबूत जुटा लिए हैं। सूत्रों की मानें तो पूर्व चेयरमैन पीके राय का पूरा लेखा-जोखा जुटाने के बाद सीबीआई ने उनके और संलिप्त दोनों रेलकर्मियों की कॉल डिटेल भी निकाली है, जिसमें आरोप लगाने वाले अभ्यर्थियों से बातचीत का जिक्र है।
रेलवे विजिलेंस के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी, लेखा जेए वैंड्रीन ने 7 जनवरी 2025 को जांच रिपोर्ट भेजकर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। रिपोर्ट में 18 अभ्यर्थियों की ओर से लिखित शिकायत का जिक्र किया गया है। इन अभ्यर्थियों से सीबीआई की टीम ने संपर्क साधकर उनसे पूछताछ की है। सूत्रों की मानें तो कुछ अभ्यर्थियों ने पूर्व में रुपये की मांग को लेकर पूर्व चेयरमैन के खास रेलकर्मी से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध करा दी है। इसके अलावा पूर्व चेयरमैन जब से गोरखपुर आरआरबी में तैनात रहे, उस दौरान उनके बैंक खातों के लेन-देन का ब्योरा भी जुटा लिया था। इसके बाद सभी के आवास पर तलाशी ली है।
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने रेलवे विजिलेंस की जांच रिपोर्ट का पूरा अध्ययन करने के बाद सर्च वारंट लेकर पूर्व चेयरमैन और दोनों रेलकर्मियों के आवास पर छापेमारी की है। सूत्रों की माने तो सीबीआई टीम को पूर्व चेयरमैन के आवास पर कुछ दस्तावेज हाथ लगे हैं।
निलंबित हो सकते हैं आरोपी बने दोनों रेलकर्मी
गोरखपुर। सीबीआई की ओर से केस दर्ज होने के बाद आरोपी बने दोनों रेलकर्मी विनय कुमार श्रीवास्तव और वरुण राज मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। दोनों रेलकर्मियों को निलंबित किया जा सकता है। इस मामले में पूर्व चेयरमैन पीके राय को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। ब्यूरो
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पिता के गांव पहुंचने की भनक लग गई सीबीआई को, सुबह ही पहुंच गई
डेढ़ घंटे तक पूर्व चेयरमैन के पिता के साथ चली पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर, खेसरहा। रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर के पूर्व चेयरमैन पीके राय के पिता से रमाकांत राय से भी सीबीआई ने सात अगस्त को ही करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की थी। सीबीआई की टीम तीन गाड़ियों से उनके सिद्धार्थनगर स्थित गांव कसिहरा में सुबह साढ़े सात बजे ही पहुंच गई थी। इस दौरान स्थानीय पुलिस को भी टीम ने बुला लिया था। डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद कुछ फाइलें लेकर टीम चली गई।
पूर्व चेयरमैन के पिता ही गांव की देखरेख करते हैं। वे विकास इंटर कॉलेज खेसरहा में शिक्षक थे। अब वह सेवानिवृत्त होकर घर पर रहते हैं, जबकि पूर्व चेयरमैन गांव कम ही आते हैं। बताया जा रहा है कि सात अगस्त को सुबह ही पूर्व चेयरमैन के पिता भी गोरखपुर से आए थे और कुछ देर बाद ही सीबीआई की टीम भी धमक पड़ी। गांव के लोगाें ने बताया कि सीबीआई की टीम के साथ पुलिस भी आई थी। पुलिस ने किसी को उनके घर की ओर जाने नहीं दिया। कुछ फाइलें लेकर टीम गई। बताया जा रहा है कि जमीन से संबंधित कुछ कागजात लेकर टीम चली गई।