पूर्व अध्यक्ष ने पिपराइच थाने में पांच नामजद और 50 अज्ञात रोहिंग्या पर दर्ज कराया था केस
पुलिस की जांच में नहीं मिले रोहिंग्या, जमीन के केस की चल रही विवेचना
गोरखपुर। पिपराइच में रेलवे स्टेशन के पास रह रहे संदिग्ध लोगों की एलआईयू की जांच में कोई रोहिंग्या नहीं मिला है। इसमें 22 लोगों से पूछताछ कर उनके आधार कार्ड की जांच पड़ताल की गई। पता चला कि ये सभी पिपराइच और चौरीचौरा क्षेत्र के ही हैं। कई वर्षों से घूम-घूमकर भीख मांगने का काम करते हैं। इसके लिए हमेशा अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। रेलवे स्टेशन के पास खाली जमीन पर दो साल से रह रहे थे। यह रिपोर्ट एलआईयू ने उच्च अधिकारी को सौंप दिया है। इधर, मामले में जांच कर रही एटीएस भी अपनी रिपोर्ट जल्द सौंप सकती है।
दरअसल, रविवार को पिपराइच थाने में पांच नामजद और 50 अज्ञात रोहिंग्या पर पूर्व चेयरमैन ने मारपीट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस टीम के साथ ही एलआईयू और एटीएस जांच करने पिपराइच पहुंची थी। एलआईयू सीओ देवी दयाल ने बताया कि जांच पड़ताल में कोई रोहिंग्या नहीं मिला है। एलआईयू रिपोर्ट आने के बाद अब एटीएस की जांच पर निगाह टिकी है। बताया जा रहा है कि बहुत जल्द एटीएस भी जांच रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय में बैठे अधिकारियों को सौंप देगी।
वहीं इस पिपराइच थाने में दर्ज केस में दोनों पक्षों का बयान लिया जा रहा है। जिस जमीन के लिए यह विवाद हुआ है, प्रशासन की टीम उसकी नाप जोख में लगी है। वहीं पुलिस की जांच में भी कोई रोहिंग्या नहीं मिला है। पुलिस टीम भी अब मारपीट और जमीन विवाद की तरफ ध्यान केंद्रित कर अपनी जांच कर रही है।
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पांच नामजद व 50 अज्ञात रोहिंग्या पर दर्ज है केस
नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष अनुपमा आर्या ने रविवार को पांच नामजद व 50 अज्ञात रोहिंग्या के विरुद्ध पिपराइच थाने में मारपीट व जानलेवा हमला करने का केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि भूमि विवाद में रोहिंग्या की मदद से उनके ऊपर जानलेवा हमला किया गया। मामला सामने आने के बाद एलआइयू, एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसी सक्रिय हो गईं और मौके पर पहुंचकर पूछताछ व जांच शुरू कर दिया।