फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: गांव से शहरी हुए 16 हजार लोगों को संपत्ति कर का नोटिस..पुराने इलाके में भी बढ़ा टैक्स

विज्ञापन
विज्ञापन
नए शामिल क्षेत्रों में खोराबार और हरिसेवकपुर में सर्वे का काम लगभग पूरा
विज्ञापन


2024-25 से ही नागरिकों को देना होगा संपत्ति कर, पुराने वार्डों में पहले ही बढ़ाया जा चुका है टैक्स
गोरखपुर। शहर का विस्तार और विकास होने के बाद नगर निगम ने संपत्ति कर भी बढ़ा दिया है। पुराने डेढ़ लाख मकान मालिकों को बढ़े हुए टैक्स का नोटिस भेज दिया गया है। वहीं, नगर निगम में शामिल 10 नए वार्डों में कर निर्धारण का काम पूरा हो गया है। खोराबार और हरसेवकपुर में भवनों का सर्वे का काम भी पूरा हो गया है। इनमें करीब 16 हजार मकान चिह्नित कर संपत्ति कर का नोटिस भेजा जा रहा है। जल्द ही इनका गजट प्रकाशित होगा। साथ ही दोनों वार्डों में भवन के पूरे ब्योरा के साथ रजिस्टर भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके आधार पर भवन के मालिक इसे देखकर किसी भी तरह की आपत्ति दाखिल कर सकेंगे।
नगर निगम नव सृजित वार्ड नंबर छह खोराबार और वार्ड नंबर 31 हरिसेवकपुर में सर्वेक्षण एवं जियो टैग का काम निजी फर्म से करा रही है। साल 2018-19 में हुए सीमा विस्तार के अंतर्गत नगर निगम में 31 गांव शामिल हुए, जिसके बाद 10 नए वार्डो का सृजन हुआ, जिसमें रानीडीहा, खोराबार, बड़गो, संझाई, मोहनपुर, गुलरिहा, हरसेवकपुर, भरवलिया, देवी प्रसाद नगर और गायघाट वार्ड बनाया गया। नगर निगम के सीमा विस्तार के लिए नोटिफिकेशन की प्रक्रिया साल 2019 में ही पूरा कर ली गई थी। निगम में शामिल क्षेत्रों की पांच साल की अवधि पूरी हो चुकी है। इन वार्डो में जीआईएस सर्वेक्षण नहीं हुआ है। लिहाजा निजी फर्म के कर्मचारियों के जरिए नगर निगम घर-घर सर्वेक्षण करा रहा है। वर्तमान में खोराबार और हरसेवकपुर में करीब 16 हजार भवनों का सर्वे किया जा चुका है। सर्वेक्षण करा रही फर्म को काम में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें मोहल्लावार सभी मकानों को सीरियल नंबर और हाउस नंबर भी दिए जा रहे हैं। नगर निगम की ओर से जारी आदेश के अनुसार नगर निगम में शामिल नए 10 वार्डों के भवन मालिकों से वित्तीय वर्ष 2024-25 से ही संपत्ति कर लिया जाना है।
विज्ञापन

अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि जिन भवनों का सर्वे पूरा हो चुका है, उन्हें संपत्तिकर के लिए नोटिस भी दिए जा रहे हैं। नोटिस पर आपत्तियां सुन कर वर्तमान वित्त वर्ष से ही संपत्तिकर जमा कराया जाएगा।

पुराने वार्डों में बढ़ा 50 फीसदी तक टैक्स..डेढ़ लाख को नोटिस
शहर के पुराने 68 वार्डों में मकानों का जीआईएस सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद निगम की ओर से सभी को नोटिस भेजी जा रही है। इन वार्डों में करीब 1.60 लाख संपत्तियां हैं जिसमें डेढ़ लाख को नोटिस दिया जा चुका है। इसमें 20 से 50 फीसदी तक टैक्स बढ़ गया है।
विज्ञापन

शहर के नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ीं तो संपत्ति कर को भी रिवाइज कर दिया गया है। सिविल लाइंस, मोहद्दीपुर, बेतियाहाता, छात्रसंघ, तारामंडल आदि इलाकों में ज्यादा टैक्स बढ़ा है। सर्वे के आधार पर निगम की ओर से पिछले करीब चार साल से नोटिस दिया जा रहा है। निकाय चुनाव के कुछ समय पहले 2022 में नोटिस देने का काम बंद कर दिया गया था। वहीं, अब इसमें तेजी आ गई है। इनमें नगर निगम क्षेत्र में बने नए मकान के अलावा ऐसे मकान शामिल हैं, जिनके कर में क्षेत्रफल के आधार पर 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें