- बीमा लोकपाल और इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने दिया झांसा
- 30 दिन में तीन गुना क्लेम देने का दिया था आश्वसन, झांसे में आए गौरव ने प्रक्रिया के नाम दे जमा कर दिए रुपये
- पीड़ित ने ठगों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने दर्ज कराया केस, पुलिस ने शुरू की जांच
गोरखपुर। बीमा क्लेम दिलाने का लालच देकर साइबर ठगों ने अलहदादपुर के रायगंज बनकटी चक निवासी गौरव गुप्ता से 17 लाख 40 हजार रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को बीमा लोकपाल और इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बताकर पीड़ित को तीन गुना क्लेम दिलाने का झांसा दिया था। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत की, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरव गुप्ता का पीएनबी की जुबिली रोड शाखा में बचत खाता है। वह प्राइवेट कर्मी हैं। गौरव ने बताया कि बीते 30 जुलाई को उनके मोबाइल पर शक्ति मुकुंद नाम के शख्स की कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनकी सात पालिसियों में से पांच पर क्लेम बनता है और कुल 38.93 लाख रुपये मिलने वाले हैं। कुछ दिनों बाद रवि शुक्ला नामक व्यक्ति ने कॉल कर खुद को भारतीय एक्सा लाइफ इंश्योरेंस का कर्मचारी बताया और क्लेम की प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों शख्स ने 27 अगस्त से 25 सितंबर के बीच अलग-अलग किस्तों में गौरव से कुल 17,40,928 रुपये अपने बैंक खाते में जमा करा लिए। रकम यूपीआई के जरिये बैंक ऑफ इंडिया के खाते में भेजी गई। इसके बाद क्लेम में टालमटोल करने पर गौरव को शक हुआ तो उसने साइबर क्राइम पोर्टल और थाने में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। कॉल डिटेल और लेन-देन की जानकारी खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
एक्सपर्ट की राय
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल का कहना है कि बीमा, बैंकिंग या किसी भी वित्तीय सेवा से जुड़ी कॉल पर सतर्क रहना चाहिए। किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक अकाउंट या पालिसी डिटेल साझा न करें। सरकारी संस्थाएं और कंपनियां कभी भी फोन पर क्लेम रिलीज करने के नाम पर पैसे नहीं मांगतीं। ठग लालच देकर सबसे पहले भरोसा जीतते हैं और फिर प्रोसेसिंग फीस, टैक्स या चार्जेस के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते हैं।
साइबर ठगों से बचने के उपाय
- अनजान कॉल पर भरोसा न करें।
- खुद को अधिकारी बताने वाले की पहचान सत्यापित करें।
- ओटीपी, बैंक डिटेल, यूपीआई जानकारी साझा न करें।
- लालच में न आएं, दोगुना व तीन गुना रिटर्न जैसी स्कीम फर्जी होती है।
- संदेहास्पद कॉल या मैसेज आने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें।
- साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।