ये लोग किसानों से वार्ता कर जमीन का बैनामा कराने में देंगे मदद
गोरखपुर। नया गोरखपुर में जमीनों की अधिग्रहण के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए एक सेवानिवृत्त तहसीलदार और दो लेखपालों की मानदेय पर नियुक्ति की गई है। सामाजिक समाघात निर्धारण के लिए दिल्ली की फर्म ‘एग्रिमा’ जल्द ही परियोजना के सामाजिक प्रभावों का मूल्यांकन शुरू करेगी। प्राधिकरण ने चौरीचौरा और सदर तहसील के तीन गांवों में 251.819 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नया गोरखपुर परियोजना के तहत माड़ापार (चौरीचौरा तहसील), तकिया मेदनीपुर और कोनी (सदर तहसील) में कुल 251.819 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए दिल्ली की एजेंसी ‘एग्रिमा’ को सामाजिक समाघात निर्धारण करेगी। जल्द ही यह एजेंसी परियोजना का स्थानीय लोगों, रोजगार, व्यवसाय और जनसंख्या पलायन पर क्या असर पड़ेगा। सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभावों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। एग्रिमा संस्थान की रिपोर्ट के आधार पर एक बहुसाखीय समिति गठित होगी। इसमें अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, अभियंता और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इन कार्यों में तेजी लाने के लिए प्राधिकरण ने अपनी राजस्व टीम में इजाफा करते हुए सूर्यनाथ मिश्र को तहसीलदार, ओमकार नाथ तिवारी एवं श्रीभगवान को लेखपाल नियुक्त किया है। इसके साथ ही भू अर्जन विभाग में एक तहसीलदार, चार लेखपाल, एक सर्वेयर और एक अमीन की टीम बन गई है। जिला प्रशासन से सीमांकन कार्य के लिए अतिरिक्त अमले की मांग की गई है।