गोरखपुर। डोमिनगढ़ में प्री नान इंटरलाकिंग का कार्य सोमवार सुबह शुरू हो गया। इसके लिए सुबह 10 बजे से दोपहर बाद पौने चार बजे तक मेन रूट पर ब्लॉक लिया गया। कार्य की शुरूआत प्वाइंट नंबर 207 से की गई। 27 तारीख तक चलने वाले इस कार्य से गोरखपुर से चलने वाली लखनऊ इंटरसिटी समेत चार ट्रेनों और गोरखपुर से होकर चलने वाली कुल 34 ट्रेनें कैंसिल (रद्द) रहीं। इसके अलावा 64 ट्रेनें बदले हुए रास्ते से चलीं। 15 ट्रेनें गोमतीनगर, लखनऊ तक ही चलाई गईं। 9 ट्रेनें देरी से चलाई गईं। टिकट कैंसिल होने के बाद जनरल टिकट लेकर यात्री वैशाली, गोरखधाम और बिहार संपर्क क्रांति जैसी ट्रेनों में धक्का-मुक्की करते नजर आए। गोरखधाम ट्रेन के प्लेटफाॅर्म पर आने से पहले ही यात्री पहुंच गए थे।
डोमिनगढ़ से गोरखपुर स्टेशन तक तीसरी लाइन और डोमिनगढ़ स्टेशन से जगतबेला स्टेशन के बीच ऑटाे ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लिए आरंभिक तैयारियां हो चुकी थीं। अब इन्हें इंटरलाॅक किया जाना था, जिसके लिए दशहरा से दिवाली के बीच का समय चुना गया। रेल प्रशासन ने तीन दिन पहले ही 14 से 27 अक्तूबर के बीच मेगा ब्लॉक की मंजूरी देते हुए ट्रेनों के कैंसिलेशन की सूची जारी कर दी। सोमवार सुबह 10 बजे प्री नान इंटरलॉक कार्य के लिए गोरखपुर से गोंडा के बीच मेन लाइन पर रूट ब्लॉक लिया गया। इससे पहले सुबह 6 बजे इस रूट पर वंदेभारत ट्रेन गुजरी। वहीं इंटरसिटी समेत 34 ट्रेनें कैंसिल रहीं। दोपहर करीब 3:40 बजे ब्लॉक खत्म होने पर सत्याग्रह एक्सप्रेस गुजरी। प्वाइंट नंबर 207 का काम पूरा होने के बाद दूसरे प्वाइंट पर काम शुरू हो गया। इसके लिए ब्लॉक लिया गया है। रात में करीब 11 बजे इस रूट से कृषक एक्सप्रेस को गुजारा जाएगा। इसके अलावा वैशाली, गोरखधाम, बिहार संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति, हमसफर समेत 30 से अधिक ट्रेनें गोरखपुर से बढ़नी के रास्ते गोंडा स्टेशन पर पहुंचीं।
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जनरल टिकट लेकर कोच में घुसने का प्रयास करते रहे यात्री
गोरखपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली दो स्पेशल व क्लोन ट्रेनों के निरस्त होने के चलते यात्रियों की भीड़ बढ़ गई थी। वहीं बिहार की तरफ से आने वाली करीब 25 ट्रेनों के छपरा-वाराणसी-बाराबंकी रूट पर डायवर्ट होने के चलते तमाम यात्री ऐसे थे, जिन्होंने अपना आरक्षित टिकट कैंसिल होने के बाद साधारण टिकट लेकर यात्रा की तैयारी की थी। ऐसे लोग स्टेशन पर दोपहर में ही पहुंच गए थे। दिल्ली जाने के लिए कैंपियरगंज से आए श्रवण जायसवाल ने बताया कि बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन में टिकट था। टिकट कैंसिल होने के बाद सप्तक्रांति से जाने के लिए जनरल टिकट लिया हूं। यह ट्रेन शाम छह के बजे के बाद आएगी, लेकिन मुझे टिकट के लिए पहले आना पड़ा। झोला लिए परिवार समेत खड़े विरझन शर्मा ने बताया कि हम तो इस उम्मीद में आ गए थे कि ट्रेन कैंसिल होने के बाद यात्री भी कम होंगे तो कोई न कोई उपाय मिल ही जाएगा, लेकिन यहां भीड़ अधिक है। अब यात्रा कैंसिल कर दी है। परिवार समेत कानपुर जाना था।