सात फरवरी को होगा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन, तब तक होगा सुधार
डीएम ने निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
गोरखपुर। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम दीपक मीणा ने निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण के संबंध में बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। डीएम ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध व समावेशी बनाने के लिए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य शुरू हो गया है। इसकी समस्त गतिविधियां 28 अक्तूबर से शुरू हो गई हैं और सात फरवरी 2026 को निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन तक संचालित की जाएगी।
डीएम ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को एसआईआर की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। सभी दलों से बूथ लेवल पर एजेंट नियुक्त करने का अनुरोध किया, जो पुनरीक्षण कार्यों में बीएलओ का सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि तीन नवंबर तक एसआईआर से संबंधित तैयारी, प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्रों का मुद्रण किया जाएगा। चार नवंबर से चार दिसंबर तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं से प्रपत्र भरवाएंगे। नौ दिसंबर को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसी दिन से आठ जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जाएंगी।
नोटिस जारी किए जाने, सुनवाई एवं सत्यापन व दावे और आपत्तियों का निस्तारण एवं गणना प्रपत्रों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ओर से निर्णय लिए जाने की अवधि नौ दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक होगी। सात फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
डीएम ने बताया कि एसआईआर के लिए अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 होगी। मतदाता की ओर से गणना प्रपत्र में निर्धारित कॉलम में दी गई प्रविष्टियों को भरा जाएगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम विनीत कुमार सिंह समेत राजनीतितिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।