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Gorakhpur News: दवा कारोबारी अमित गोयल को दिल्ली ले गई पुलिस

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दिल्ली में नशे की दवाएं पकड़े जाने के बाद जांच के लिए भालोटिया आई थी पुलिस
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तीन माह के अंदर दूसरे कारोबारी पर नारकोटिक्स मामले में हुई कार्रवाई
गोरखपुर। दिल्ली में बेची गई नशे की दवाओं के मामले में भालोटिया मार्केट के दवा कारोबारी अमित गोयल को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम शुक्रवार को साथ लेकर लौट गई। इससे पहले टीम ने बृहस्पतिवार की देर रात तक कैंट थाने में अमित से पूछताछ की। यह कार्रवाई पहले से दर्ज एक मुकदमे की छानबीन में हुई है। नशे की दवा बेचने के आरोप में दिल्ली में पकड़े गए शख्स ने अमित गोयल की दुकान से दवाएं खरीदने की बात कही थी।
जांच के दौरान दिल्ली से आई टीम को पकड़ी गई दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित बिल अमित गोयल की दुकान में नहीं मिले। तीन माह के अंदर भालोटिया के दूसरे कारोबारी को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाए जाने से अन्य कारोबारियों में हड़कंप है। नशीली दवाओं के लिए बदनाम हो रहे भालोटिया मार्केट में बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने छापा मारकर कारोबारी अमित गोयल को हिरासत में लिया था।
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जानकारी होने पर अन्य व्यापारी पहुंचे तो पता लगा कि दिल्ली में एनडीपीएस एक्ट का एक मुकदमा दर्ज है, जिसमें गिरफ्तार आरोपी हरीश के पास से 2160 टैबलेट नशीली गोलियां बरामद हुईं थीं। हरीश के साथी गौतम ने कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया था। पुलिस ने गौतम को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि गोरखपुर के भालोटिया मार्केट में अमित गोयल की दवा एजेंसी से उसने दवाएं ली थीं। इसी आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच की टीम अमित को खोजते हुए गोरखपुर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में हरीश, गौतम और अमित को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। दिल्ली पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि गोरखपुर से ये दवाएं किस माध्यम से दिल्ली पहुंच रही हैं और वहां कैसे बिक रहीं हैं।
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तीन महीने पहले भी हुई थी एक गिरफ्तारी
बीते अप्रैल में पंजाब पुलिस की एक टीम भी नशीली दवाओं के धंधेबाजों की खोजबीन में गोरखपुर आई थी। यहां अलग-अलग छह कारोबारियों से पूछताछ के बाद अमर गुप्ता नाम के कारोबारी को गिरफ्तार कर साथ ले गई थी। अमर के खिलाफ नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम अलग से जांच कर रही है। उसने भालोटिया मार्केट की जिस दुकान से पंजाब, दिल्ली और लखनऊ में नशीली दवाएं सप्लाई कीं थीं, वह दुकान ही छह साल से बंद है और उसकी जगह दूसरी दुकान चल रही है।
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लोकल जांच में क्लीनचिट, बाहर की जांच में खुलता है भेद
भालोटिया मार्केट में नशीली दवाइयों की बिक्री के इस खुलासे के बाद एक बार फिर स्थानीय ड्रग विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ड्रग विभाग इस दवा मंडी में अक्सर जांच करता है लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं मिलती। यहां तक कि शहर में ही दूसरे बाजारों में दवा की दुकानों पर नशीली और मिलावटी दवाएं पकड़े जाने के बाद भी भालोटिया मार्केट में स्थानीय ड्रग विभाग कार्रवाई नहीं करता। वहीं बाहर से आई टीमें लगातार यहां से नशीली दवाइयों के धंधेबाजों को पकड़ रही हैं।

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