बेलीपार इलाके में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या का मामला
मकान नहीं गिराने पर दिनेश ने आरोपी जुगुल को बुलडोजर चलवाने की दी थी धमकी
कसिहार/महावीर छपरा। दरवाजे के सामने तीन डिसमिल जमीन को लेकर हिस्ट्रीशीटर दिनेश व उसकी हत्या के मुख्य आरोपी बने जुगुल निषाद के बीच कई वर्ष से अदावत (दुश्मनी) चल रही थी। ग्रामीणों में चर्चा है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने तक की धमकी दे डाली थी। जमीन पर जुगुल का मकान बना था, जिसे दिनेश ने तुड़वा देने की धमकी दी थी। ऐसा नहीं करने पर खुद उस पर बुलडोजर चलवाने की धमकी दी थी। इसे लेकर दिनेश और जुगुल में तनाव था।
चर्चा है कि इसी जमीन पर बने मकान के विवाद में आरोपियों ने दिनेश को मौत के घाट उतारा है। घटना के बाद आरोपी घर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि दिनेश के पटीदार जुगुल निषाद से जमीन का विवाद वर्षों से चला आ रहा था। दिनेश के घर के सामने जुगुल निषाद ने तीन डिसमिल जमीन पर मकान बनवा लिया है। दिनेश ने जुगुल को मकान को तुड़वाने की बात कही। दिनेश इस जमीन को अपने कब्जे में लेना चाहता था। नहीं सुनने पर उसने बुलडोजर चलवाने की धमकी दी थी। इस पर जुगुल निषाद ने उसे दुनिया से उठवा देने की धमकी दे डाली थी। इसके बाद से दोनों पक्षों में अदावत चरम पर था।
चर्चा है कि इसी बीच जुगुल ने अपने बेटे व सहयोगियों के साथ दिनेश की हत्या की साजिश रच डाली। गोरखपुर से लौटने के क्रम में दिनेश की गोली मारकर हत्या कर दी और भाग निकले। फिलहाल, पुलिस दिनेश के भाई रमेश की तहरीर पर आठ नामजद व तीन अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
-
बाइक छोड़ 200 मीटर भागा था हिस्ट्रीशीटर दिनेश, नहीं बची जान
गोरखपुर। बेलीपार थाना क्षेत्र के गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर ऊंचगांव के समीप चार पहिया सवार बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर दिनेश निषाद को दौड़ाकर गोली मारकर सनसनी फैला दी। बदमाशों से बचने के लिए हिस्ट्रीशीट ने भरपूर प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। वह 200 मीटर दूरी तक भाग कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों से खुद को नहीं बच सका। पुलिस हत्या मामले में आठ नामजद और तीन अज्ञात की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही उसके साथ आ रहे सहयोगी की तलाश भी तेज कर दी है। डीआईजी व एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम सीसी टीवी फुटेज के माध्यम से बदमाशों की तलाश तेज कर दी है।
दो लोगों की हत्या के बाद दिनेश ने फैला दी सनसनी, 29 मामले थे दर्ज
बेलीपार के भरवलिया गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर दिनेश पर हत्या समेत कुल 29 मामले दर्ज थे। उसने जमीन के विवाद में सबसे पहले बेलीपार के खदियापार निवासी पूसईं पांडेय की डंडे से मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के मामले में वह कोर्ट से बरी हो गया था। वर्ष 2016 में ग्राम प्रधान के चुनाव में गांव के ही सुधीर शाही के दरवाजे पर संत निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या के मामले का मुख्य आरोपी दिनेश निषाद था। बताया जाता है कि दिनेश निषाद शुरू से ही मारपीट व झगड़ा आदि को लेकर जेल जा चुका था। गांव में सभी लोग उससे डरते थे और उसे देखकर रास्ता बदल देते थे। पूरे गांव में दिनेश का वर्चस्व था। डर से कोई उसके खिलाफ बोलने से कतराता था। दिनेश की हत्या के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। गांव के लोग सड़क व घर के बाहर भी नहीं दिखाई दे रहे थे।
पुत्र व पुत्री के साथ दिनेश की पत्नी रहती है लखनऊ
हिस्ट्रीशीटर दिनेश निषाद की हत्या के बाद लखनऊ से घर आई पत्नी, बेटी-बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद परिजनों ने लखनऊ में रह रही दिनेश की पत्नी संध्या देवी को सूचना दी थी। दिनेश निषाद की पत्नी संध्या देवी लखनऊ में किसी हॉस्पिटल में नर्स का काम करती है। वह अपने पांच वर्षीय पुत्र शिवम व सात वर्षीय पुत्री शिखा के साथ लखनऊ में रहती हैं।
-
दिनेश की मां बोली- पटीदारी के लोगों ने मार डाला
हिस्ट्रीशीटर की मां सुरसती देवी ने बताया कि बेटे को पटीदारी के लोगों ने मार डाला। इसमें परिवार के ही युगुल किशोर, इंदल, सुरेंद्र व संगम शामिल हैं। वे हमेशा रंजिश रखते थे। अक्सर बेटे से लड़ाई-झगड़ा करते थे। बताया कि पुलिस से पता चला कि बेटे को किसी ने गोली मार दी है तो हम लोग दौड़कर गए। लेकिन, तब तक बेटे की मौत हो चुकी थी। दिनेश तीन भाई हैं। केशव सबसे बड़े हैं, उसके बाद दिनेश थे। तीसरे नंबर के भाई रमेश है।