पिता आदित्य ने बताया कि इधर जबसे भारत पाकिस्तान युद्ध शुरू हुआ, वह गंभीर हो गई है। वह टीवी और अखबार के माध्यम से देश के हालात के बारे में प्रतिदिन जानकारी भी प्राप्त कर रही हैं। आदित्य प्रताप ने बताया कि बेटी ने अचानक आकर मुझसे अपनी बात बताई तो मैं हैरत में पड़ गया।
गोरखपुर। पापा मुझे खिलौने और कपड़े नहीं चाहिए। भारतीय सेना के जवानों के लिए कुछ करना चाहती हूं। बेतियाहाता में रहने वाली महज आठ साल की मानवी की बात सुनकर एक समय घर वाले भी चौंक गए। बॉर्डर पर बढ़ते संघर्ष को देखते हुए मानवी ने सेना के जवानों के लिए अपना गुल्लक फोड़ दिया।
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इसमें जमा रकम और घरवालों की मदद से 50 हजार रुपये एकत्रित करके पिता से प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराए। मानवी का कहना है कि देश सबसे पहले है, इसके बाद ही कुछ और है। मेरा भी सपना है कि पढ़ लिखकर देश की सेवा करूं। बेटी की देशभक्ति देखकर पिता आदित्य प्रताप और मां मनाली सिंह, बहन प्राख्या सिंह समेत परिवार के सभी लोग मानवी की मुहिम से जुड़ गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, भारतीय कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह आगू की बेटी मानवी सिविल लाइंस स्थित एक स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ती हैं। वह दो वर्ष से अपने पिता से खिलौने और गुडिया, कपड़े के लिए पाकेट मनी लेकर गुल्लक में एकत्रित कर रही थीं।
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पिता आदित्य ने बताया कि इधर जबसे भारत पाकिस्तान युद्ध शुरू हुआ, वह गंभीर हो गई है। वह टीवी और अखबार के माध्यम से देश के हालात के बारे में प्रतिदिन जानकारी भी प्राप्त कर रही हैं। आदित्य प्रताप ने बताया कि बेटी ने अचानक आकर मुझसे अपनी बात बताई तो मैं हैरत में पड़ गया।
इसके बाद वह गुल्लक लेकर आई। जिसे फोड़ने के बाद 25 हजार 549 रुपये निकले। उसकी देशभक्ति देखकर 25 हजार रुपये अपने पास से भी जोड़कर सेना के जवानों के लिए 50 हजार रुपये पीएम राहत कोष में जमा कराए।