गोरखपुर। कुशीनगर जिले के रहने वाले रामनगीना यादव के अपहरण मामले में एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है, जिसके बारे में अधिकारियों का दावा है कि वह रामनगीना का परिचित है। इस गिरफ्तारी से अपहरण की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जगी है।
रामनगीना यादव खजनी क्षेत्र में एक निजी कंपनी में काम करते थे और अपनी गर्भवती पत्नी रिंका देवी के साथ किराए के मकान में रह रहे थे। 12 अक्टूबर 2024 को रामनगीना अचानक गायब हो गए। उसके बाद पत्नी ने 15 अक्टूबर को खजनी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। एक नवंबर को अपहर्ता ने रामनगीना के मोबाइल से व्हाट्सएप काल करके पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी और बात न मानने पर हत्या की धमकी दी। परेशान रिंका देवी ने खेत बेचकर पति के खाते में रकम भेज दी, जिसे यूपीआई के जरिए नेपाल सीमा से सटे ग्राहक सेवा केंद्र से निकाला गया। 25 दिसंबर को रामनगीना के भाई के पास फिर से एक व्हाट्सएप काल आई, जिसमें अपहर्ता ने 15 लाख रुपये की नई फिरौती मांगी और धमकी दी कि अगर बात नहीं मानी गई, तो युवक की हत्या कर दी जाएगी।
इस बार परिवार ने फिरौती की मांग के बाद खजनी थाने को सूचित किया। पुलिस ने अपहर्ता द्वारा बताए गए पते (हाटा बाजार) पर छापेमारी की, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पुलिस ने जांच में जुटकर एक युवक को हिरासत में लिया, जो रामनगीना का परिचित बताया जा रहा है।