क्रूज, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का संचालन भी नौ बजे तक ही होगा, सुरक्षा की दृष्टि से जीडीए ने जारी किया आदेश
गोरखपुर। रामगढ़ताल में अब पर्यटक रात नौ बजे तक ही बोटिंग का लुत्फ उठा सकेंगे। क्रूज और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के संचालन के समय में भी कटौती की है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है।
नौका विहार क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। बताया जा रहा है कि देर रात तक बार संचालित होने से नशे में मारपीट व हंगामे की घटनाएं होती हैं। इससे रामगढ़ताल की बदनामी हुई है। बढ़ती अराजकता को देखते हुए प्राधिकरण ने समय घटाने का निर्णय लिया है। वहीं, कुछ दिन पहले रात में दो मोटरबोट आपस में टकरा गई थीं।
रामगढ़ताल में संचालित क्रूज, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट ''''''''फ्लोट'''''''' और बोटिंग पर यह नियम लागू होगा। अब तक रात 11 बजे तक ताल में ये गतिविधियां संचालित होती थीं। ठंड के मौसम में रामगढ़ताल में संचालित गतिविधियों के लिए रात नौ बजे तक ही समय निर्धारित था। अब पूरे साल यही समय रहेगा। रामगढ़ताल क्षेत्र में कोई गतिविधि इसके बाद संचालित नहीं होगी।
नौ बजे के बाद नहीं रुकते परिवार के साथ आए लोग
माना जा रहा है कि परिवार के साथ यहां आने वाले अधिकतर लोग रात नौ बजे तक वापस चले जाते हैं। वहीं, रामगढ़ताल के किनारे विचरण करने, आसपास की दुकानों पर बैठकर लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। ये दुकानें अपने निर्धारित समय तक संचालित होंगी। एडवेंचर के लिए समय की बाध्यता होगी। ताल में जब बोटिंग शुरू हुई तो अधिकतम समय शाम सात बजे तक था, लेकिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समय रात 11 बजे तक कर दिया गया था। उस समय बार युक्त रेस्टोरेंट का संचालन नहीं हो रहा था। केवल घूमने-फिरने के लिए अलग-अलग तरह की बोट थी।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि रामगढ़ताल में संचालित गतिविधियों के लिए ठंड के मौसम में अक्तूबर से फरवरी तक रात नौ बजे तक और गर्मी में रात 11 बजे तक इन गतिविधियों के संचालन की अनुमति थी। अब पूरे वर्ष समय रात नौ बजे तक कर दिया गया है। ताल के किनारे जो खाने-पीने की दुकानें हैं वे पूर्ववत खुलती रहेंगी।
ताल में फिर चलने लगे फव्वारे
गोरखपुर। रामगढ़ताल में चारों तरफ लगे फव्वारों को जीडीए ने फिर से संचालित करना शुरू कर दिया है। इनमें से कुछ देखरेख के अभाव में बंद पड़े थे। हालांकि, दो फव्वारों की मरम्मत नहीं हो सकी है। प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि तकनीकी खामियों की वजह से कुछ फव्वारे बंद हो गए थे। इन्हें दुरुस्त करा लिया गया है। किनारे की ओर पानी कम होने से दो फव्वारे अभी नहीं चल पा रहे हैं, जल्द ही इन्हें पीछे की ओर शिफ्ट करा कर संचालन शुरू कराया जाएगा। ब्यूरो