शासन के निर्देश के बाद जिले में भी शुरू हो गई जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग, पशुपालन विभाग, दुग्ध विकास विभाग की अफसरों की बनेगी टीम
गोरखपुर। मिलावटी पनीर की बिक्री पर रोक लगाने के लिए शासन ने अब दूध की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ पशुपालन और दुग्ध विकास विभाग के अफसरों की संयुक्त टीम बनाई जाएगी। हर पखवारे जांच की सूचना शासन को भेजी जाएगी। जो जांच होगी, उसकी रिपोर्ट भी जल्द मंगाकर कार्रवाई करनी होगी।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में मिल्क पाउडर, रिफाइंड ऑयल, ह्वाइटनर और कई प्रकार के केमिकल मिलाकर दूध और पनीर बनाने का धंधा बड़े पैमाने पर फैला है। आलम यह है कि मिलावटी पनीर के खिलाफ दशहरा में शुरू हुआ अभियान अभी तक चल रहा है। जहां कहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम छापा मारती है, वहीं कई क्विंटल खराब पनीर पकड़ा जाता है।
पिपराइच क्षेत्र के बरईपार गांव में तो पूरा कारखाना ही पकड़ा गया, जहां हर दिन 300 क्विंटल से अधिक कृत्रिम पनीर बनाया जा रहा था। इसके अलावा खजनी क्षेत्र में 50 से अधिक जगह पाउडर से पनीर बनता है। खजनी क्षेत्र के भैंसा बाजार में बना पनीर संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद में पकड़ा जा चुका है।
इसीलिए अब इसकी रोकथाम के लिए शासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग की अगुवाई में पशुपालन और दुग्ध विकास विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई है। जरूरत पड़ने पर यह टीम पुलिस व प्रशासन की मदद भी ले सकती है। हर 15 दिन पर जांच की सूचना शासन को भेजी जाएगी।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर संयुक्त टीम ने जांच शुरू कर दी है। हर पखवारे इसकी सूचना भेजनी है। इसके अलावा जांच की रिपोर्ट भी जल्द मंगाकर कार्रवाई करने का निर्देश है।