10 साल पुराने डीजल ऑटो नहीं चल सकेंगे, अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
पेट्रोल और एलपीजी के पुराने वाहन भी नहीं चल सकेंगे
सड़क पर चल रहे अवैध 19 हजार ऑटो, आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं लगभग 36 हजार
गोरखपुर। जिले की सड़क पर अब 10 साल पुराने डीजल व एलपीजी ऑटो नहीं चल पाएंगे। साथ ही सात साल पुराने एलपीजी व पेट्रोल के साथ 15 साल हो चुके सीएनजी ऑटो पर भी लगाम लगेगा। संभागीय परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस की ओर से अभियान चलाकर इस पर कार्रवाई की जाएगी।
संभागीय परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 19,852 ऑटो अवैध चल रहे हैं। इसमें से 16,569 की आयु सीमा समाप्त हो चुकी है। साथ ही 3,283 ऑटो बिना परमिट सड़कों पर अवैध चल रहे हैं। कुल जिले में लगभग 36,580 ऑटो संभागीय परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड हैं। इससे ऑटो में चल रहे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ऐसे ऑटो चालक लोगों के लिए घातक भी हो सकते हैं। इसमें अधिकांश अपराधी प्रवृत्ति के भी बताए जा रहे हैं। अगर ऑटो रजिस्टर्ड रहेगा तो कोई घटना होने ऑटो पर लगे चार अंकों की यूनिक आईडी से आसानी से पहचान कर पकड़ा जा सकता है। हालांकि गाड़ी नंबर से भी पकड़ जा सकता है।
मंगलवार को शहर की सड़कों पर अवैध ऑटो फर्राटा भरते नजर आए। शहर के गोलघर के मुख्य मार्ग पर दोपहर लगभग 1:30 बजे अवैध ब्लैक ऑटो सवारी बैठाकर जाती दिखी। साथ ही डीएम कार्यालय के निकट भी इसी समय ब्लैक ऑटो सड़क के किनारे खड़ी मिली। संभागीय परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी ऑटो मालिकों को विभाग की ओर से नोटिस भेज दिया गया है।
वहीं संभागीय परिवहन विभाग के एआरटीओ अरुण कुमार ने बताया कि आए दिन हो रही घटनाओं को लेकर अवैध ऑटो के खिलाफ अभियान शुरु कर दिया गया है। सड़क पर विभाग की टीम ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर अभियान चला रही है। अवैध ऑटो पूरी तरह से चलन से बाहर किए जाएंगे उन पर सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
37 वाहनों के खिलाफ हुई कार्रवाई
संभागीय परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस की ओर से मंगलवार को ऑटो रिक्शा जिनकी आयु समाप्त हो गई थी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। यातायात चौराहे पर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 37 वाहनों के खिलाफ बंद व चालान की कार्रवाई करी गई। इस मौके पर एसपी ट्रैफिक संजय कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन नरेंद्र यादव यात्री कर अधिकारी विजय किशोर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनोज राय, अजीत पांडे एवं अन्य ट्रैफिक स्टाफ मौजूद था।