चार करोड़ से होगी स्थापना, वित्त समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) की वित्त समिति की 33वीं बैठक सोमवार को कुलपति प्रो जे पी सैनी की अध्यक्षता में हुई। विश्वविद्यालय के इलेक्टि्रकल एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग में सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन नेक्स्ट जनरेशन सेमीकंडक्टर एंड नैनो डिवाइसेज की स्थापना के लिए 3.99 करोड़, भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विभाग के लिए एक्सआरडी मशीन खरीदने के लिए 1.40 करोड़ की मंजूरी वित्त समिति ने दी।
साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-2027 से विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया गया।इसके तहत एमबीबीएस, बीडीएस, बीएससी नर्सिंग, एवं बीबीए हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की मंजूरी मिली।
बैठक के दौरान कार्यसूची वित्त नियंत्रक विनय कुमार राय ने प्रस्तुत की। विश्वविद्यालय की विद्या परिषद एवं प्रबंधन बोर्ड की ओर से विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज की स्थापना किए जाने तथा उसके तहत विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रम संचालित किए जाने को मंजूरी दी थी। इसी क्रम में अस्पताल की आवश्यकता पूरी करने के लिए विश्वविद्यालय ने शासन से जिला अस्पताल को विश्वविद्यालय से अटैच किए जाने और पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति शासन से मांगी थी।
शासन ने अनुमति से पूर्व विभिन्न बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसमें यह भी शामिल था कि क्या इस प्रस्ताव को वित्त समिति से मंजूरी मिली है अथवा नहीं। इसी क्रम में बैठक में यह फैसला लिया गया कि शासन की तरफ से कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन उपलब्ध कराते हुए शासन को भेजेगा ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
डेटाबेस एवं वेब डिजाइन लैब की होगी स्थापना
विवि के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में डेटाबेस एवं वेब डिजाइन लैब की स्थापना के लिए 27.26 लाख, इंटीग्रेट बिग डेटा एंड आईओटी लैब की स्थापना के लिए 38.75 लाख रुपये, कंप्यूटर विजन लैब की स्थापना के लिए 49.61 लाख सहित कुल करीब 1.15 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार के उच्चीकरण के लिए 60 लाख रुपये दिए गए हैं। विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों के डाइनिंग रूम तथा कॉमन रूम को एसी युक्त करने के लिए 2.15 करोड़ रुपये तथा 8 छात्रावासों में मॉड्यूलर किचन के लिए 3.57 करोड़ रुपये, सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रयोगशालाओं के उच्चीकरण के लिए 1.57 करोड़ रुपये, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रयोगशालाओं के उच्चीकरण के लिए 1.08 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। वहीं, फार्मेसी विभाग में दो नए परास्नातक पाठ्यक्रम यथा एम फार्म (फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री) तथा एम फार्म (फार्मास्यूटिक्स) आरम्भ करने तथा बी फार्म की सीटों में वृद्धि किए जाने के सापेक्ष आवश्यक अतिरिक्त शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी भी वित्त समिति से मिली है।
नई बस खरीदने को मंजूरी
विश्वविद्यालय के छात्रों के आवागमन की सुविधा के लिए पुरानी और जल्द ही खराब हो चुकी बस की जगह नई 52 सीटर सीएनजी बस 28 लाख में खरीदने की मंजूरी मिली है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों जैसे प्रबंध अध्ययन विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा फार्मेसी विभाग में कार्यरत संविदा शिक्षकों को उनके वर्तमान समेकित वेतन के तीन प्रतिशत के बराबर वेतन वृद्धि वार्षिक आधार पर दिए जाने का निर्णय भी लिया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में हाइब्रिड कार खरीदने का फैसला लिया गया है। बैठक के दौरान वित्त समिति के सदस्य प्रो राकेश कुमार, जय मंगल राव, एमएनएनआईटी, प्रयागराज के प्रो. साधना सचान, कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी, अजीज अहमद, आरएन त्रिपाठी मौजूद रहे।