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Gorakhpur News: जेई और ठेकेदार को जारी होगा नोटिस, हादसे पर तय होगी जवाबदेही

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घोसीपुर के इसी नाले में गिरी थी  मृत बच्ची आफरीन , घटना स्थल पर जुटे लोग।
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घाेसीपुरवा में नाले में गिरने से बच्ची की मौत के बाद मेयर ने अधिकारियों को दिए निर्देश
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शहर में सभी नालों को किया जाएगा कवर, लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई



जर्जर भवनों की जांच कराकर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता को दिए निर्देश



गोरखपुर। शहर में जलभराव और घाेसीपुरवा में नाले में गिरने से बच्ची की मौत को नगर निगम प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मंगलवार को निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। नाले में गिरकर बच्ची की मौत के मामले में उन्होंने संबंधित जेई और ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्य अभियंता को जर्जर भवनों की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।



शहर में बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में जलभराव हो गया था। घोसीपुरवा में निर्माणाधीन नाले पर स्लैब नहीं रखा गया था। सोमवार को मदरसे से पढ़कर भाई के साथ घर लौट रही मासूम आफरीन फिसलकर नाले में गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में मेयर ने अभियंताओं को निर्देशित किया है कि नाला/नाली बनाते समय ढाल पर विशेष ध्यान दें क्योंकि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के नाते जगह-जगह जलभराव होता है।
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उन्होंने सभी बड़े नालों की जांच कर उन पर स्लैब रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जहां निर्माण हो वहां बैरिकेड लगाए जाएं। अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए कि सड़क एवं नाले का जहां भी निर्माण कार्य हो रहे हों, उसे जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। मलबे, मिट्टी आदि को उठाकर सड़क को आवागमन योग्य बनाएं। देरी की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।



24 घंटे जल निकासी पर नजर रखेगा विशेष दल



मेयर ने निर्देश दिया कि सभी प्रभावित इलाकों में जलनिकासी के लिए अतिरिक्त मोबाइल पंप, सक्शन मशीन लगाई जाएं। हर प्रभावित वार्ड में एक विशेष निगरानी दल को तैनात किया जाए जो 24 घंटे जलनिकासी कार्य की प्रगति पर नजर रखे और हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का तत्काल समाधान कराए। मेयर ने कहा कि जिन पंपिंग स्टेशनों पर भार अधिक है, वहां अतिरिक्त पंप लगाए जाएं और तकनीकी खामियों को तुरंत दूर किया जाए। जलनिकासी के बाद प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और सफाई अभियान चलाया जाए। मेयर ने मुख्य अभियंता को निर्देशित किया कि जर्जर भवनों के संबंध में जांच कराकर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करें। इस दौरान अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, मुख्य अभियंता अमित शर्मा समेत निर्माण विभाग के सभी अभियंता मौजूद रहे।



परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने की प्रक्रिया शुरू



गोरखपुर। जिला प्रशासन की तरफ से आफरीन के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सदर एसडीएम दीपक कुमार गुप्ता के निर्देश पर लेखपाल सुनील कुमार पासवान ने मुख्यमंत्री राहत कोष से चार लाख रुपये देने के लिए मंगलवार को खाता खुलवाया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया की जा रही है। 24 घंटे में खाते में रुपये ट्रांसफर हो जाएंगे। स्थानीय पार्षद शाहिद अख्तर ने परिजनों को पीएम आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। वहीं, ठेकेदार की ओर से भी आर्थिक मदद को लेकर चर्चा है।







नाले में कूदकर हाथ पकड़ा पर हमेशा के लिए हाथ से सरक गई आफरीन

घोसीपुरवा में अब्बास की दुकान के सामने नाले में गिरी थी आफरीन, नाले में कूदकर भी न बचा पाने का मलाल



गोरखपुर। आफरीन जिस जगह पर नाले में गिरी, वहां पर अब्बास की कपड़े की दुकान है। आफरीन के गिरते ही उसे बचाने के लिए वह भी नाले में कूद गए। एक पल के लिए उसका हाथ पकड़ में आ गया लेकिन तेज बहाव में वह उनके हाथ से आगे सरक गई। बहुत हाथ पैर मारे मगर बचा नहीं सके। घटनाक्रम सुनाते हुए अब्बास भावुक हो गए। बोले- उसे नहीं बचा पाने का मलाल हमेशा रहेगा..।



हादसे के वक्त आफरीन (10) को नाले से निकालने वाले अब्बास ने बताया कि सोमवार की शाम वह दुकान पर बैठे थे। तेज बारिश की वजह से दुकान तक पानी भर गया था। शाम पांच बजे के करीब बारिश थमने के बाद पानी में ही लोग आ-जा रहे थे। इसी बीच मदरसे की ओर से आफरीन और उसका भाई अरमान आ रहे थे। पानी भरने की वजह से वह किनारे की तरफ स्लैब पर चल रहे थे।



इसी बीच सड़क पार करने के लिए आफरीन ने एक कदम बाएं तरफ रखा तभी वह नाले में गिर गई। बच्ची के गिरते ही अपनी कपड़े की दुकान से यह सब देख रहे अब्बास भी नाले में कूद गए। उन्होंने बताया कि एक पल के लिए आफरीन का हाथ छू लिया था लेकिन तेज बहाव की वजह से वह आगे निकल गई। इसके बाद कई स्लैब उठाकर उसकी तलाश की। वह करीब 20 मिनट बाद कुछ दूरी पर जाकर मिली। कूदने की वजह से अब्बास का मोबाइल फोन भी नाले में गिर गया। वह पूरी तरह खराब हो चुका है।



शिफा अहमद ने बताया कि आफरीन को बचाने के लिए मोहल्ले के करीब 15 युवकों ने स्लैब उठाए लेकिन वह आगे जाकर मिली। हादसे से मोहल्ले के लोग दुखी हैं।






जहां गिरी थी बच्ची...नाले पर अब भी नहीं पड़ा स्लैब



घोसीपुरवा नाले पर कई जगहों पर ढालकर किनारे रख दिए गए हैं स्लैब



हादसे के बाद मोहल्ले के लोगों में आक्रोश



गोरखपुर। घोसीपुरवा इलाके में नाले में गिरकर सोमवार की शाम 10 वर्षीय बच्ची आफरीन की मौत हो गई थी। जिस स्लैब के खुले रहने की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ, उसे मंगलवार को भी नहीं ढका गया। कई जगहों पर स्लैब ढालकर किनारे रख दिए गए हैं। मोहल्ले में इस बात को लेकर नगर निगम और ठेकेदार के प्रति काफी आक्रोश है। उधर, बच्ची के घर पर सन्नाटा पसरा रहा।



घोसीपुरवा में नगर निगम सड़क और नाले का निर्माण करा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण की रफ्तार बहुत धीमी है। बरसात में लोगों को काफी परेशानी हो रही है।



स्थानीय अजीम ने बताया कि मोहल्ले की सड़कें ऊंची नहीं हैं। ऐसे में तेज बारिश के बाद इस पर पानी भर जाता है। निगम की ओर से सड़क और नाले का निर्माण हो रहा है लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार सुस्त है। बरसात से पहले ये पूरा हो गया रहता तो ऐसा हादसा न होता। चारों तरफ सड़क टूटी है। नाला जहां बना है, वहां स्लैब नहीं रखे गए हैं।



उधर, आफरीन की मां आशमा का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई अरमान भी बहन के लिए रोता रहा। पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार को शव परिजनों को सौंपा गया जिसके बाद उन्होंने उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
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बैग रखने के लिए नाले पर चढ़ते हैं बच्चे...स्लैब गायब



सिविल लाइंस स्कूल रोड पर नाले के एक तरफ स्लैब पड़ा हुआ है लेकिन दूसरी तरफ खुला है। मंगलवार को दोपहर 1:30 बजे के करीब स्कूल के गेट की तरफ स्लैब रखा हुआ था। उस पर खड़े होकर परिजन बच्चों का इंतजार कर रहे थे। दूसरी तरफ ई-रिक्शा और ऑटो लाइन से खड़े थे। छुट्टी होने के बाद ऑटो से जाने वाले बच्चे सीधे नाले पर पहुंच गए। वहां ऑटो के पीछे बैग रखा और आकर अंदर बैठ गए। नाले पर बीच-बीच में स्लैब नहीं रखे गए हैं। लोगों का कहना है कि यहां भी किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
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