गोरखपुर। राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल काॅलेज के संचालक डाॅ. अभिषेक यादव को राहत देने वाले विवेचकों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। साथ ही तत्कालीन सीओ से भी अब पूछताछ होगी। वर्ष 2015 में अभिषेक पर कोतवाली थाने में जालसाजी, हत्या की कोशिश और धमकी देने के मामले में दर्ज मुकदमों की विवेचना करते हुए विवेचकों ने वर्ष 2016 में एफआर लगाकर राहत दे दी थी। इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने एक बार फिर जांच के निर्देश दिए हैं। एसपी उत्तरी नौ वर्ष पुरानी बंद फाइल को खोलकर जांच कर रहे हैं।
मार्च 2022 में फर्जी लेटर हेड के इस्तेमाल से दाखिला के बाद और पिपराइच थाने में केस दर्ज होने के बाद डाॅ. अभिषेक यादव दोबारा चर्चा में आए थे। इसके बाद पुलिस कार्रवाई करते हुए वर्ष 2015 के दौरान कोतवाली में दर्ज 14 मुकदमों की फाइल भी खोली दी थी। जांच में यह सामने आया था कि सभी मामलों में एक ही दिन में गलत तरीके से विवेचकों ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जानकारी के बाद तत्कालीन एसएसपी ने एफआर लगाने वाले विवेचक व पुलिस कर्मियों की जांच शुरू कराई थी। जो बाद में ठंडे बस्ते में चली गई थी।
जब्त हो चुकी है संपत्ति
पुलिस डाॅ. अभिषेक यादव पर गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इसमें राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल काॅलेज, राज गौशाला, जटेपुर उत्तरी स्थित घर, गाड़ियां और 19 बैंक खाते शामिल थे।
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कोट
पुराना मामला है, इसमें गलत तरीके से एफआर लगाई जाएगी। बाद में फिर जांच कर चार्जशीट दाखिल की गई। एफआर लगाने वाले विवेचकों पर कार्रवाई नहीं हुई थी। विवेचकों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। तत्कालीन सीओ से भी पूछताछ की जाएगी।
- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी