गोरखपुर। एम्स के नए प्रभारी कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय कुमार सिंह ने शनिवार को ऑनलाइन कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद विभागाध्यक्षों से परिचय प्राप्त किया। करीब आधे घंटे चली ऑनलाइन मीटिंग में उन्होंने विभागाध्यक्षों से पढ़ाई और इलाज की व्यवस्था में सुधार के उपायों पर जोर देने को कहा। रविवार शाम वे गोरखपुर आएंगे और सोमवार को विधिवत कार्यभार ग्रहण करने के बाद परिसर का निरीक्षण भी करेंगे।
एम्स के कार्यकारी निदेशक का पद बीते दो जनवरी से ही खाली है। यहां का अतिरिक्त कार्यभार पटना एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल के पास था, जिनका कार्यकाल दो अक्तूबर को समाप्त हो रहा था। बेटे को पीजी में दाखिला दिलाने में गड़बड़ी के आरोपों के चलते उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया। उनकी जगह एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय कुमार सिंह को तीन महीने के लिए गोरखपुर एम्स का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। शनिवार को नए कार्यकारी निदेशक ने भोपाल एम्स से ही ऑनलाइन गोरखपुर एम्स के कार्यकारी निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। इसे बाद सभी विभागाध्यक्षों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की।
सब अपनी जिम्मेदारी निभाएं : ईडी
नए कार्यकारी निदेशक (ईडी) ने पहली बैठक में ही गोरखपुर एम्स की बिगड़ी छवि पर चर्चा करते हुए एम्स अपनी चिकित्सा व्यवस्था के लिए देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में विख्यात है। यूपी के पूर्वी हिस्से में स्थित एम्स से आसपास के लोगों को बड़ी उम्मीद है, क्योंकि ये लोग इलाज के लिए आज भी देश के बड़े शहरों में पर निर्भर हैं। इसलिए सभी को मिलकर एम्स में इलाज की व्यवस्था में सुधार करना होगा। हमें यह तय करना होगा कि एम्स की इमरजेंसी वार्ड में आए मरीज को तत्काल और समुचित इलाज मिले। ओपीडी और आईपीडी में भी मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने सोमवार को इस पर विभागाध्यक्षों के साथ विधिवत चर्चा की बात भी कही।
आज शाम को दोनों ईडी रहेंगे गोरखपुर में
एम्स के नए कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय कुमार सिंह रविवार शाम को ही भोपाल से गोरखपुर आ जाएंगे। उनके स्वागत के लिए तैयारी भी शुरू हो गई है। वहीं अब तक कार्यकारी निदेशक रहे डॉ. जीके पाल भी रविवार शाम को ही गोरखपुर आएंगे। दोनों सोमवार को ईडी दफ्तर पहुंचकर चार्ज हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद डॉ. जीके पाल पटना लौट जाएंगे। वहीं डॉ. अजय सिंह परिसर का निरीक्षण करने के बाद विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर एम्स की व्यवस्था में सुधार के उपायों पर चर्चा करेंगे।