गोरखपुर। बृहस्पतिवार को विश्व हिंदू परिषद के गोरक्ष प्रांत के धर्माचार्य संपर्क विभाग की ओर से गोरखनाथ मंदिर में हुए संत सम्मेलन में संतों ने बांग्लादेश में हिंदूओं पर हो रहे अत्याचारों की निंदा की। संत जितेंद्रानंद ने कहा कि बांग्लादेश के कृत्यों पर अब समाज को जागृत करने की आवश्यकता है। संतों की बड़ी जिम्मेदारी है कि आतंकवाद, लव जिहाद जैसे मुद्दे पर लोगों को जागरूक करें। हमको सतर्क रहना होगा ताकि दुर्जन शक्तियां अपने कार्यों में सफल न हो पाएं।
प्रांत संगठन मंत्री राजेश ने कहा कि राष्ट्र विरोधी ताकतें भारत को तोड़ने का कुचक्र रच रही हैं। परिषद के केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी ने संतों से कहा कि जिस प्रकार प्राचीन काल से ही संत समाज का मार्गदर्शन करते रहे हैं आज भी उन्हें मठों से निकलकर समाज के लिए कार्य करना चाहिए। परिवारों में संस्कारों को बढ़ाने के लिए संतों का योगदान होना चाहिए।
इस अवसर पर संत काशी दास, हरवंश, रामेश्वर, सुदामा दास, विजय दास, भीम दास, शंकर दास, कामेश्वर दास, जयप्रकाश दास, रामप्यारी दास व अन्य धर्माचार्य उपस्थित रहे।