जांच में डीएम देवरिया ने निरस्त करने का दिया आदेश, गोरखपुर एआरओ और रुद्रपुर तहसील का चक्कर लगा रहे पीड़ित सचींद्र
गोरखपुर। एआरओ कोर्ट, गोरखपुर से फर्जी परवाना आदेश जारी कराकर जालसाजों ने रुद्रपुर-देवरिया के इस्लामाबाद गांव के सचिंद्र नाथ यादव की जमीन पर न सिर्फ नामांतरण करा लिया बल्कि खतौनी में नाम भी चढ़वा लिया। मामला पकड़ में आने के बाद देवरिया के डीएम ने दो साल पहले जांच कार्रवाई और फर्जीवाड़ा पाए जाने पर खतौनी से दर्ज नाम निरस्त का आदेश भी दे दिया। लेकिन धंधेबाजों के मकड़जाल में उलझकर डीएम का आदेश भी फाइलों में ही है।
बृहस्पतिवार को गोरखपुर एआरओ कार्यालय आए सचींद्र नाथ यादव ने बताया कि गोरखपुर के सहायक अभिलेख अधिकारी के नाम पर फर्जी आदेश जारी कराकर गांव के ही चंद्रदेव, राम बोझी आदि ने उनकी 1.15 हेक्टेयर जमीन को अपने नाम करवा लिया। 2017 में मुझे इसकी जानकारी हुई तो मैंने शिकायत की। डीएम, देवरिया ने मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद दिसंबर 2023 में खतौनी गलत तरीके से दर्ज नाम को हटाने और केस दर्ज कार्रवाई का आदेश पारित कर दिया। इसके बाद से सचींद्र से आदेश का पालन कराने के लिए दौड़ रहे हैं। गोरखपुर एआरओ कार्यालय में उन्हें बताया गया कि उनकी फाइल आई थी लेकिन उसे रुद्रपुर तहसील में भेज दिया गया है। सचींद्र का कहना है कि जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
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14 मामलों में दर्ज केस में छह की संपत्ति का जिक्र ही नहीं
फर्जी परवाना आदेश से जमीनों को कब्जाने वाले धंधेबाजों का एक और खेल सामने आया है। देवरिया और कुशीनगर के दर्ज 14 केस में उन्होंने छह मामलों में फर्जी परवाना आदेश में संपत्ति का जिक्र ही नहीं किया है। आदेश में एक खाता नंबर ही चढ़ा दिया गया है। इसके चलते कितने क्षेत्रफल पर कब्जा का खेल हुआ है इसका पता नहीं लग पा रहा है। बृहस्पतिवार को एआरओ कार्यालय में पता चला कि अब तक कुशीनगर के खड्डा तहसील के तीन गांवों में 9.61 हेक्टेयर और देवरिया, रुद्रपुर के पांच मामलों में 2.49 हेक्टेयर जमीन पर फर्जी परवाना आदेश से कब्जा करने की कोशिश की गई है।