गोरखपुर। नकहा क्रॉसिंग ओवरब्रिज के लिए गर्डर उतारते समय एसएसबी इंस्पेक्टर के दबकर मौत मामले में परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। रेलवे के कांट्रैक्टर मित्तल ब्रदर्स ने परिवार को राशि उपलब्ध कराई है। सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी के वर्क का थर्ड पार्टी कैजुअलिटी पर एक करोड़ रुपये का बीमा कवर है। परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे मूल निवासी उत्तराखंड के हरिद्वार, अतमालपुर निवासी इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह अपने साथी पश्चिम बंगाल दार्जिलिंग स्थित माटीगाड़ा थाना क्षेत्र के करमतला गांव निवासी मलय कुंडू (56) के साथ बाइक से दफ्तर जा रहे थे। बरगदवां के विकास नगर में किराए का कमरा लेकर दोनों रहते थे। मलय कुंडू बाइक चला रहे थे और विजेंद्र सिंह पीछे बैठे थे।
नकहा क्राॅसिंग गेट पार करके जैसे ही मोड़ पर पहुंचे, तभी गर्डर उठा रही क्रेन की जंजीर का हुक टूट गया। गर्डर नीचे गिरा तो चपेट में आने से इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह की मौत हो गई। मलय को मामूली चोटें आई थीं। मामले में मलय की तहरीर पर चिलुआताल पुलिस ने गर्डर का काम करने वाली फर्म अर्जित ट्रेडर्स के मालिक अर्जित अग्रवाल, क्रेन चालक पवन, साइट इंचार्ज सुखपाल सिंह और क्रेन मालिक मनजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। रेलवे के हिस्से में ओवरब्रिज का पूरा ठेका मित्तल ब्रदर्स का है। इसलिए कंपनी की ओर से सहायता राशि प्रदान की गई है।