गोरखपुर। नगर निगम गोरखपुर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में कर वसूली में मिली सफलता के बाद अब इस वित्तीय वर्ष के लिए कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत नगर निगम शहर के सभी सरकारी और वाणिज्यिक भवनों का संपत्ति कर रिवाइज करने जा रहा है। इसी क्रम में सरकारी और वाणिज्यिक भवनों को नोटिस देकर उनकी अद्यतन संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है।
नोटिस में यह कहा गया है कि सरकारी भवन स्वयं ही अपनी अद्यतन संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध करा दें। उनके परिसर में यदि कोई बिल्डिंग या हिस्सा बढ़ा है तो वे इसकी जानकारी दे दें। इसी के अनुसार उनका संपत्ति कर निर्धारित किया जाएगा। इसे अलावा वाणिज्यिक भवनों का नगर निगम सर्वे करा रहा है। शहर में ऐसे कई वाणिज्यिक भवन हैं, जिन्होंने काफी नया निर्माण करा लिया है जिसकी जानकारी नगर निगम को नहीं है। साथ ही वे पुराने ब्योरे के अनुसार ही कर दे रहे हैं। इसको लेकर नगर निगम शहर के सभी वाणिज्यिक भवनों का सर्वे कर रहा है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर उनके संपत्ति कर को रिवाइज किया जाएगा।
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पूरा होगा जीआईएस सर्वेक्षण
इस वित्तीय वर्ष में जीआईएस सर्वेक्षण के सापेक्ष बिलिंग होनी है, लेकिन अभी तक 42 वार्डों में ही सर्वे पूरा हो पाया है। नगर अयुक्त ने सभी वार्डों में जीआईएस सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिजिटल माध्यम से कर जमा करने पर डिस्कांउट भी मिलेगा। नगर आयुक्त ने डिजिटल कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सभी सुविधाएं, क्यूआर कोड, ऑनलाइन वेबसाइट अड्रेस और अन्य तकनीकी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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कोट...
सरकारी और वाणिज्यिक भवनों का संपत्ति कर रिवाइज किया जाएगा। सरकारी भवनों के अधिकारियों को पत्र भेजकर उनसे अद्यतन संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है। वाणिज्यिक भवनों का सर्वे निगम की टीम कर रही है। इसी के आधार पर टैक्स को रिवाइज किया जाएगा।
दुर्गेश मिश्र, अपर नगर आयुक्त