मंगलवार को वन विभाग के कार्यालय की जर्जर दीवार गिरने से हो गई थी हेड कांस्टेबल की मौत
नगर निगम के निर्माण विभाग के अभियंताओं ने शुरू की जर्जर भवनों की जांच
गोरखपुर। नगर निगम ने शहर में जर्जर भवनों की पहचान और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। निर्माण विभाग के अभियंताओं की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे भवनों का निरीक्षण शुरू कर दिया है जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। भवन स्वामियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इनका ध्वस्तीकरण भी होगा।
यह कार्रवाई मंगलवार को हुई दर्दनाक घटना के बाद शुरू की गई, जब वन विभाग के कार्यालय परिसर की एक जर्जर दीवार गिरने से हेड कांस्टेबल की मौत हो गई थी। नगर निगम ने अब तक 97 जर्जर भवन चिह्नित किए हैं। इनमें से 33 भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर भवन खाली करने या मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। निगम की टीम और भी जर्जर भवनों को चिह्नित कर रही है।
निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई न करने पर ऐसे भवनों को ध्वस्त कर दिया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि रोकी जा सके।
निर्माण विभाग के अभियंताओं की टीम मौके पर जाकर भवनों की दीवारों, छत और नींव की मजबूती की जांच कर रही है। जांच में पुराने सरकारी भवनों के साथ निजी मकानों को भी शामिल किया गया है।
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि जर्जर भवनों की सूची को अंतिम रूप देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इसके साथ ही नगर निगम लोगों से अपील कर रहा है कि वे अपने भवनों की नियमित जांच कराएं और किसी भी क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत समय से कर लें ताकि हादसों से बचा जा सके।