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Gorakhpur News: शहर काजी बने मुफ्ती मोहम्मद मुतिउर रहमान

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एमएसआई इंटर कॉलेज में आयोजित ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यक्रम में सौंपी गई जिम्मेदारी
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गोरखनाथ के रहने हैं वाले, दारुल उलूम से पूरी की मुफ्ती की शिक्षा
गोरखपुर। प्रतिष्ठित शिक्षा-सेवी और इस्लामी विद्वान मुफ्ती मोहम्मद मुतिउर रहमान को शहर काजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से रविवार को हुए कार्यक्रम के बाद गोरखपुर शहर काजी के अहम पद पर उन्हें नियुक्त किया गया। मुफ्ती मुतिउर रहमान मुस्लिम समाज के पारिवारिक और व्यक्तिगत विवादों को शरीयत आधारित सलाह और न्याय प्रदान करेंगे।
मूल रूप से गोरखनाथ क्षेत्र के रहने वाले अजीजुर्रहमान के बेटे मुतिउर रहमान पिछले 18 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। आधुनिक के साथ धार्मिक शिक्षा के समन्वय के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इनकी देखरेख में सात हजार से ज्यादा बच्चे उर्दू और अरबी की शिक्षा हासिल कर रहे हैं। मुस्लिम समाज के आपसी घरेलू और सामाजिक मसलों को सुलझाने, समाज में अमन और भाईचारे की स्थापना के लिए पहले से ही प्रयासरत हैं। मुसलमानों के बीच परामर्श देने और विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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अरबी साहित्य की शिक्षा दारुल-उलूम नदवतुल उलेमा, लखनऊ और मुफ्ती और कुरआन की विशेषज्ञता का कोर्स दारुल-उलूम देवबंद से किया है। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत के तहत आपने राहगीरों को खाना खिलाने, अस्पतालों में मरीजों की सेवा करने, रक्तदान अभियान जैसे सामाजिक काम भी करते हैं।
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जून 2024 से खाली था पद
गोरखपुर में काजी-ए-शहर मौलाना मुफ्ती वलीउल्लाह की 27 जून 2024 में 93 वर्ष की उम्र में मृत्यु के बाद से ही यह पद खाली चल रहा था। पूर्व शहर काजी मुफ्ती वलीउल्लाह तमाम दीनी मसलों के जानकार थे और कुरआन और हदीस की रोशनी में वह लोगों को तमाम दीनी और दुनियावी मसलों का हल बताते थे। सांस में तकलीफ होने की शिकायत पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजीज अहमद की देखरेख उनका इलाज चल रहा था, जहां 27 जून 2024 में उन्होंने घर पहुंचने के बाद अंतिम सांस ली थी।
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