गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के तहत बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ। यह एमओयू दोनों देशों के बीच हरित एवं सतत विकास के लिए साझेदारी को बढ़ावा देगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पहले नेपाल के संस्थानों और अब बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। कुलपति ने दोनों विश्वविद्यालयों के समान भौगोलिक अभिविन्यास और शैक्षणिक हितों पर प्रकाश डाला और भारत की नई शिक्षा नीति के अनुरूप ट्विन, डुअल और ज्वाइंट डिग्री कार्यक्रमों की पेशकश के अवसरों पर चर्चा की।
प्रो. टंडन ने ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के महत्व के साथ-साथ नवीन और ऊष्मायन विचारों को साझा करने पर भी जोर दिया।
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संकाय-छात्र आदान प्रदान में भी हो सहयोग
राजशाही विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. गुलाम शब्बीर सत्तार ने न केवल अकादमिक और शोध में बल्कि सांस्कृतिक बातचीत और संकाय-छात्र आदान-प्रदान में भी सहयोग की संभावना पर जोर दिया। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारतीय प्रतिनिधियों को बांग्लादेश आमंत्रित किया। दोनों विश्वविद्यालयों ने विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार छात्र और शिक्षक आदान-प्रदान और छात्र इंटर्नशिप के माध्यम से शैक्षणिक और शोध अंतराल को पाटने पर सहमति व्यक्त की।
कार्यक्रम की शुरुआत में विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. रामवंत गुप्ता ने राजशाही विश्वविद्यालय के लोगों का स्वागत किया और समझौता ज्ञापन के दायरे को रेखांकित किया।