तीन घंटे थमी रहीं सभी की सांसें...कुछ ने तो छोड़ दी थी जीने की आस
बड़हलगंज : एसडीआरएफ की टीम ने तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन कर 23 ग्रामीणों को सकुशल बाहर निकाला
बड़हलगंज। बाढ़ प्रभावित गोनहा गांव के पास सोमवार रात 23 ग्रामीणों को ले जा रही प्राइवेट मोटर बोट इंजन में तकनीकी खराबी से सरयू नदी की बीच धारा में फंस गई। तेज बहाव के चलते मोटर बोट कई बार डगमगाई और उस पर सवार लोगों की सांसें थम गई। ग्रामीणों की सूचना पर देर रात लखनऊ से पहुंची राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने तीन घंटे के रेस्क्यू में सभी को बीच बाहर निकाला।
एसडीएम अमित जायसवाल ने बताया कि दोहरीघाट के रसूलपुर मोर्चा के सूरजपुर गांव निवासी प्रदीप यादव ने फोन कर बताया कि गोनहा गांव के पास उनके गांव रसूलपुर मोर्चा से मोटर बोट से गए 23 लोग और 12 जानवर सरयू नदी की धारा में फंस गए हैं। जानकारी पर रात करीब 9:58 बजे सूचना एसडीआरएफ को दी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ के सेनानायक डॉ. सतीश कुमार के निर्देशन में एक टीम देर रात मौके पर पहुंची। टीम ने रात 1:15 बजे से रेस्क्यू शुरू कर दिया। घुप अंधेरा, तेज बहाव और विपरीत मौसम में भी टीम नदी की बीच धारा में पहुंच गई। जहां टीम ने इंफ्लेटेबल बोट्स, लाइफ जैकेट्स, लाइफ रिंग्स, फ्लड लाइट्स, थर्मल टॉर्च, रस्सियां, इंजन रिपेयर टूल्स और संचार उपकरण की मदद से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। बोट में सवार लोगाें का कहना था कि उन्हाेंने बचने की उम्मीद छोड़ दी थी। बस भगवान से प्रार्थना ही कर रहे थे। जब एसडीआरएफ की टीम बोट से पास पहुंची तब जाकर उम्मीद जगी कि हम लोग सुरक्षित बच जाएंगे।
इन्हें किया गया रेस्क्यू
अवधेश यादव, विजय साहनी, रामू, शैलेश, रविश, सुधाकर यादव, राधे यादव, अमित यादव, रमेश यादव, शुभम यादव, विनय यादव, लाल बहादुर शास्त्री, किशन, शिवम, मनीष, छोटू, अर्पित, आर्यन, सत्यम यादव, विनोद यादव, सूर्यभान यादव, सुनील यादव, प्रदीप यादव।