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Gorakhpur News: एसबीआई में 10 से अधिक और जालसाजी... जांच में खुलेगी पोल- जानिए कैसे की गई जालसाजी

Tue, 08 Oct 2024 05:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

जंगल कौड़िया के एसबीआई में कूटरचित दस्तावेज के जरिए पेंशनर्स व बंद खातों के साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 80 लाख रुपये की जालसाजी हुई। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कैशियर अमरेंद्र सिंह को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अब जालसाजी में शामिल फरार बैंक मैनेजर कुमार भाष्कर भूषण की तलाश में पुलिस जुटी है।
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जंगल कौड़िया में शाखा प्रबंधक से खाते की जांच कराते बैंक के ग्राहक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल कौड़िया स्थित एसबीआई में जालसाजी के अभी कई और केस सामने आने वाले हैं। एसबीआई के अफसर, शिकायत के आधार पर 10 से अधिक केस की छानबीन कर रहे हैं। इसमें एफडी, नेट बैंकिंग, फर्जी पेंशन लोन के मामले हैं। बताया जा रहा है कि इसमें भी बैंककर्मियों की मिलीभगत शामिल है।
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हालांकि अभी इसके बारे में पूरी जानकारी देने से अफसर बच रहे हैं। इधर, जंगल कौड़िया में हुई जालसाजी में पुलिस को अब ब्रांच मैनेजर की तलाश है। जंगल कौड़िया के एसबीआई में कूटरचित दस्तावेज के जरिए पेंशनर्स व बंद खातों के साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 80 लाख रुपये की जालसाजी हुई।

मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कैशियर अमरेंद्र सिंह को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अब जालसाजी में शामिल फरार बैंक मैनेजर कुमार भाष्कर भूषण की तलाश में पुलिस जुटी है। बताया जा रहा है कि मास्टरमाइंड कैंटीन बॉय पंकज मणि त्रिपाठी ने अग्रिम जमानत ले ली है।
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एसबीआई की मुख्य शाखा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोमवार को खबर प्रकाशित होने के बाद एसबीआई के हर कार्यालय में इसकी चर्चा रही। बताया जा रहा है कि 10 से अधिक मामलों की जांच अभी चल रही है। इसमें एफडी, नेट बैंकिंग, फर्जी पेंशन लोन के मामले हैं। हालांकि जांच पूरी होने तक बैंककर्मी अभी खुलकर कुछ बताने से बच रहे हैं।

एफडी मामले में बताया गया कि एक महिला की शिकायत पर जांच की जा रही है। इसमें उसके एफडी को दूसरे के खाते में भेजकर निकाल लिया गया है। इसी तरह अन्य मामले भी हैं। फिलहाल अफसर भी अभी इस पर कुछ कहने से बच रहे हैं।

जांच के दौरान रीजनल ऑफिस में तैनात था अमरेंद्र
जालसाजी के आरोपी अमरेंद्र सिंह को जांच के दौरान 2023 के मध्य में रीजनल ऑफिस में बुला लिया गया था। वह पूर्व सर्विसमैन रहा है। उसका शहर में भी एक मकान है। मामले में सस्पेंड होने के बाद उसने ऑफिस आना छोड़ दिया था। ऑफिस में काम करने वाले कर्मियों से वह बताता था कि उसने कोई जालसाजी नहीं की है।

ई-केवाईसी - फोटो : istock
एसबीआई में करीब 10 लाख खाते
जनपद में एसबीआई के करीब 10 लाख खाते हैं। इसमें से 20 प्रतिशत खाते लगभग बंद हैं। यह वह खाते हैं जो लेन-देन नहीं होने से बंद हैं। खाता स्वामी जब आते हैं तब केवाईसी भरवाई जाती है। इसके बाद खाते शुरू हो जाते हैं। बैंककर्मियों ने बताया कि एक खाता खुलने के बाद पूरी तरह से बंद होने में 10 साल लगते हैं। मोबाइल नंबर पर खाते के फ्रीज होने की सूचना भी जाती है। खाताधारक के मृत होने के बाद परिजन के सूचना देने पर बाद खाते को बंद किया जाता है।

आसान नहीं है फ्रॉड कर बच पाना
यूनियन बैंक के रीजनल हेड मनीष प्रताप सिंह ने बताया कि बैंककर्मियों के लिए जालसाजी कर बच पाना आसान नहीं है। हर बैंककर्मी का आईडी-पासवर्ड होता है। जिस भी बैंककर्मी के आईडी-पासवर्ड से ट्रांजेक्शन होता है, उसकी जानकारी बैंक को होती है।

SBI - फोटो : PTI
अभी तक जो भी मामले आए हैं, उसमें आरोपी पकड़ लिए गए हैं। बैंककर्मियों की लापरवाही से रकम जालसाजी में ग्राहक को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उसकी पूरी रकम सुरक्षित होती है। बैंककर्मियों को समय-समय पर वर्कशॉप आयोजित कर जागरूक भी किया जाता है। यूनियन बैंक के जिले में दो लाख से अधिक ग्राहक हैं।

एसबीआई के डीजीएम कुमार आनंद ने बताया कि एसबीआई में खाताधारकों की जमा रकम पूरी तरह से सुरक्षित होती है। जालसाजी की स्थिति में भी खाताधारक को परेशान होने की जरूरत नहीं है। जंगल कौड़िया में दोषी बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अन्य शिकायतों की जांच चल रही है।
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ऑनलाइन फ्रॉड से सावधान! - फोटो : istock
जालसाजी की कुछ प्रमुख घटनाएं
8 जनवरी 2020 : कैंट थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कर्मचारियों पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। महराजगंज, शिकारगढ़ के बांधा गांव निवासी सीमेंट व्यापारी सुधाकर राय ने केस दर्ज कराया था। उन्होंने मई 2019 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जटेपुर शाखा से 25 लाख का ऋण लिया था।

बैंक अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत होने के बाद धरोहर के रूप में हस्ताक्षर कराकर उनसे चार सादे चेक लिए थे। उनमें से तीन चेक का इस्तेमाल कर 30 व 31 मई 2019 को उनके खाते से 16 लाख रुपये निकाल लिए गए।

18 अप्रैल 2023 : शाहपुर इलाके के हरिद्वारपुरम फेज-2 कॉलोनी निवासी रंजू सोनी के तीन खातों से 1.99 रुपये साइबर अपराधियों ने उड़ा दिए। आरोप है कि बिना ओटीपी, यूपीआई के ही खाते से जालसाजों ने रकम उड़ा दी। पुलिस ने यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया था।

25 जून 2021 : कैंट थाने में व्यापारी कमल रुंगटा ने केस दर्ज कराया। उनका आरोप था कि उनकी पत्नी कला देवी और बहू स्वाती रुंगटा का बेतियाहाता स्थित एक्सिस बैंक में खाता है। दोनों ने संयुक्त लॉकर लिया था। लॉकर से 30 लाख रुपये कीमत के गहने गायब हुए थे। इसमें सोने के दो हार, चार टप्स, एक अंगूठी, दो सोने की चूड़ी, हीरे का एक हार, दो टप्स, सोने के 14 सिक्के थे।

18 जुलाई 2022 : बड़हलगंज इलाके के एक शख्स की जमीन पर गलत तरीके से ऋण देने के मामले में आरोपी यूको बैंक के पूर्व प्रबंधक अब्दुल मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। वह राजघाट के रहमतनगर का निवासी है। आरोप था कि 2004 में मदरिया शाखा प्रबंधक रहने के दौरान उसने जालसाजी की थी।
 
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